लाइव सिटीज, पटना: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई बिहार मंत्रिमंडल की बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगी। बैठक में कुल 24 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। सरकार के फैसलों में उच्च शिक्षा के विस्तार से लेकर पुलिस आधुनिकीकरण, पशुपालन, डेयरी उद्योग और स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने से जुड़े निर्णय शामिल हैं।
बेगूसराय में बनेगा रामधारी सिंह दिनकर विश्वविद्यालय
कैबिनेट ने बेगूसराय में रामधारी सिंह दिनकर विश्वविद्यालय की स्थापना को मंजूरी दी है। यह फैसला राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की जयंती के मौके पर लिया गया। विश्वविद्यालय के पदाधिकारियों और कर्मचारियों के वेतन समेत शुरुआती खर्चों के लिए 15 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है।
सरकार की ओर से इसे दिनकर की साहित्यिक और राष्ट्रचेतना की विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने की दिशा में उठाया गया कदम बताया गया है।
पटना में खुलेगा मां सीता महिला विश्वविद्यालय
कैबिनेट ने पटना में मां सीता महिला विश्वविद्यालय की स्थापना को भी मंजूरी दी है। इसके लिए भी पदाधिकारियों और कर्मचारियों के वेतन आदि मद में 15 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है।
इस विश्वविद्यालय का उद्देश्य महिला शिक्षा के लिए एक समर्पित उच्च शिक्षण संस्थान उपलब्ध कराना है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार यह बिहार का पहला महिला विश्वविद्यालय होगा।
पशुपालकों को बैंक लोन पर ब्याज नहीं देना होगा
कैबिनेट ने मुख्यमंत्री गो-धन विकास ऋण योजना को भी मंजूरी दी है। इसके तहत पशुपालकों को गाय या भैंस खरीदने के लिए बैंक से ऋण उपलब्ध कराया जाएगा और ऋण के ब्याज पर सरकार की ओर से 100 प्रतिशत सब्सिडी दिए जाने का प्रावधान है।
योजना के तहत पशुपालक उन्नत नस्ल की गाय या भैंस खरीदकर दुग्ध उत्पादन बढ़ा सकेंगे। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक योजना के लिए बड़े बजट का प्रावधान किया गया है।
कोसी में डेयरी परियोजनाओं को मंजूरी
कैबिनेट ने सुपौल, मधेपुरा और सहरसा में डेयरी क्षेत्र के विस्तार से जुड़ी योजनाओं को भी मंजूरी दी। इसके लिए करीब 126.07 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाली परियोजनाएं स्वीकृत की गई हैं।
इन योजनाओं में मिल्क चिलिंग सेंटर, डेयरी सुविधाएं, दही प्लांट और प्रीमियम आइसक्रीम प्लांट जैसी व्यवस्थाओं के विकास का प्रस्ताव शामिल है।
पुलिस के लिए खरीदे जाएंगे 50 ड्रोन
पुलिस आधुनिकीकरण के तहत बिहार में 50 ड्रोन खरीदने की मंजूरी दी गई है। इसके लिए करीब 24.50 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
इन ड्रोन का इस्तेमाल भीड़ नियंत्रण, नदी और दुर्गम इलाकों में निगरानी, नक्सल विरोधी अभियान और आपदा प्रबंधन जैसे कार्यों में किया जा सकेगा। इसके अलावा जिला पुलिस, रेल पुलिस, मद्यनिषेध और राज्य स्वापक नियंत्रण ब्यूरो के लिए उपकरणों की खरीद को भी मंजूरी मिली है।
नवादा में 500 करोड़ से ज्यादा की चीनी मिल
कैबिनेट ने नवादा जिले के वारिसलीगंज में नई चीनी मिल स्थापित करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है। परियोजना में 500 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश की बात सामने आई है।
इस परियोजना से नवादा के साथ-साथ नालंदा, शेखपुरा और जमुई के किसानों को भी फायदा मिलने की उम्मीद है। चीनी मिल शुरू होने से इन इलाकों में गन्ना उत्पादन और उससे जुड़े कारोबार को बाजार मिलने की संभावना है।
12 चिकित्सा संस्थानों में लागू होगा ई-सुश्रुत एनएक्स
स्वास्थ्य व्यवस्था को तकनीक से जोड़ने के लिए राज्य के 12 चिकित्सा संस्थानों में ई-सुश्रुत एनएक्स एप्लीकेशन लागू करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई है। इसके अलावा बिहार पशु चिकित्सा अवस्थापना एवं सेवा सुदृढ़ीकरण नीति को सैद्धांतिक स्वीकृति दी गई है।
कैबिनेट ने पटना नगर निगम से जुड़े वित्तीय प्रस्ताव और बिहार बॉयलर नियमावली, 2026 को भी मंजूरी दी है।
कुल मिलाकर 24 प्रस्तावों पर लगी मुहर
बिहार कैबिनेट की इस बैठक में शिक्षा, सुरक्षा, पशुपालन, डेयरी, स्वास्थ्य और औद्योगिक विकास से जुड़े कई फैसले लिए गए। खास तौर पर पटना में मां सीता महिला विश्वविद्यालय और बेगूसराय में रामधारी सिंह दिनकर विश्वविद्यालय की स्थापना का फैसला बैठक के प्रमुख निर्णयों में रहा।
