लाइव सिटीज, पटना: बिहार विधान परिषद चुनाव के बीच जनसुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने शिक्षक समुदाय को लेकर कई बड़े ऐलान किए हैं। उन्होंने कहा कि बिहार के अलग-अलग शिक्षक संगठनों को एकजुट कर एक साझा संघर्ष समिति बनाने का प्रयास किया जाएगा। प्रशांत किशोर ने कहा कि शिक्षकों की लंबे समय से चली आ रही समस्याओं को अलग-अलग संगठनों में बंटकर उठाने के बजाय एक मंच से उठाने की जरूरत है।
सभी शिक्षक संगठनों को एक मंच पर लाने की तैयारी
प्रशांत किशोर ने कहा कि बिहार में शिक्षक समुदाय कई अलग-अलग संगठनों और श्रेणियों में बंटा हुआ है। कोई नियोजित शिक्षक है, कोई विशेष शिक्षक है और कोई दूसरी श्रेणी से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि जनसुराज सभी शिक्षकों की समस्याओं को समान रूप से समझते हुए उनके साथ खड़ा होगा।प्रशांत किशोर ने कहा कि अलग-अलग शिक्षक संगठनों के प्रतिनिधियों से बातचीत के बाद यह तय किया गया है कि सभी संगठनों को साथ लाकर एक शिक्षक संघर्ष समिति बनाने की दिशा में काम किया जाएगा।
पहली मांग- सभी शिक्षकों को सातवां वेतनमान
प्रशांत किशोर ने शिक्षकों की पहली प्रमुख मांग के तौर पर सातवां वेतनमान लागू करने की बात कही। उन्होंने कहा कि बिहार के सभी शिक्षकों को सातवें वेतनमान का लाभ मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि जनसुराज इस मांग को लेकर शिक्षकों के साथ संघर्ष करेगा।
दूसरी मांग- शिक्षा कर्मियों के समायोजन का मुद्दा
प्रशांत किशोर ने दूसरी मांग के तौर पर लंबे समय से शिक्षा व्यवस्था में काम कर रहे शिक्षा कर्मियों के समायोजन का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि ऐसे कर्मचारियों की वर्षों से चली आ रही समस्या का समाधान होना चाहिए और उन्हें शिक्षक श्रेणी में समायोजित करने की दिशा में कदम उठाया जाना चाहिए।उन्होंने कहा कि इस तरह की समस्या लंबे समय से चली आ रही है और इसे खत्म करने के लिए स्थायी समाधान की जरूरत है।
तीसरी मांग- गैर-शैक्षणिक कार्यों पर रोक के लिए नियम
प्रशांत किशोर ने शिक्षकों को गैर-शैक्षणिक कार्यों में लगाए जाने को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि शिक्षक का मुख्य काम शिक्षा देना है। प्रशासन अपनी इच्छा के अनुसार हर दिन शिक्षकों को अलग-अलग गैर-शैक्षणिक कामों में नहीं लगा सकता।
प्रशांत किशोर ने कहा कि शिक्षकों को गैर-शैक्षणिक कार्यों में लगाने के लिए स्पष्ट मानक तय होने चाहिए। उन्होंने इस मामले में नए कानून या स्पष्ट व्यवस्था की जरूरत की बात कही।
‘तीन-चार महीने में बनेगी संघर्ष समिति’
प्रशांत किशोर ने कहा कि आने वाले तीन से चार महीनों में बिहार के सभी शिक्षक संगठनों और शिक्षक प्रतिनिधियों को साथ लेकर संघर्ष समिति बनाने की कोशिश की जाएगी। उन्होंने कहा कि इन तीनों मांगों को जनसुराज अपने आंदोलन का हिस्सा बनाएगा।
प्रशांत किशोर ने कहा कि उनका उद्देश्य सिर्फ चुनाव के समय शिक्षकों से समर्थन मांगना नहीं है। उन्होंने कहा कि जनसुराज शिक्षकों के मुद्दों को लेकर चुनाव से पहले ही उनके साथ खड़ा होकर संघर्ष करने की बात कर रहा है।
विधान परिषद की आठ सीटों पर चुनाव लड़ रही जनसुराज
गौरतलब है कि जनसुराज ने बिहार विधान परिषद चुनाव में सभी आठ सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारने की घोषणा पहले ही कर दी थी। 20 सितंबर को प्रत्याशियों की घोषणा से पहले प्रशांत किशोर ने शिक्षक मतदाताओं से जुड़े मुद्दों को विस्तार से सामने रखा और पार्टी की आगामी रणनीति की जानकारी दी।प्रशांत किशोर ने कहा कि शिक्षक समुदाय की इन तीन प्रमुख मांगों को लेकर जनसुराज संघर्ष करेगा और इन्हें सरकार के सामने मजबूती से उठाया जाएगा।
