लाइव सिटीज, गया: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर बिहार में आयोजित ‘आशीर्वाद का दीया’ और दीपोत्सव को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने इस आयोजन को लेकर सरकार पर सवाल उठाए थे। अब बिहार सरकार के मंत्री और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (HAM) के राष्ट्रीय अध्यक्ष संतोष कुमार सुमन ने इन सवालों पर पलटवार किया है। उन्होंने दीप जलाने की परंपरा का बचाव करते हुए पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू का उदाहरण भी दिया।
तेजस्वी यादव ने क्या कहा था?
तेजस्वी यादव ने पीएम मोदी के जन्मदिन पर सरकारी स्तर पर दीप जलाने के आयोजन को लेकर सरकार पर निशाना साधा था। उन्होंने दावा किया कि बिहार में स्कूलों, सरकारी भवनों और सार्वजनिक स्थानों पर दीये जलाने के लिए सरकारी मशीनरी को लगाया गया और इस पर करीब 100 करोड़ रुपये खर्च होने का आरोप लगाया। तेजस्वी ने यह सवाल भी उठाया कि जब बिहार बाढ़ की स्थिति से गुजर रहा है और बड़ी संख्या में लोग प्रभावित हैं, तब सरकार की प्राथमिकता दीपोत्सव क्यों है
तेजस्वी ने शिक्षकों और सरकारी कर्मचारियों को आयोजन में लगाए जाने को लेकर भी सरकार पर तंज कसा। उनके बयान का मूल सवाल यह था कि बाढ़ प्रभावित लोगों की मदद और दूसरी जरूरी समस्याओं के बीच सरकारी संसाधनों का इस्तेमाल इस आयोजन में क्यों किया जा रहा है।
संतोष सुमन ने नेहरू का उदाहरण देकर किया पलटवार
तेजस्वी यादव की आपत्ति पर संतोष कुमार सुमन ने सवाल उठाया कि अगर किसी प्रधानमंत्री के जन्मदिन को अलग तरीके से मनाया जाए तो उसमें आपत्ति क्यों होनी चाहिए। उन्होंने जवाहरलाल नेहरू के जन्मदिन 14 नवंबर को बाल दिवस के रूप में मनाए जाने का उदाहरण देते हुए कहा कि जब नेहरू की जयंती को एक विशेष दिवस के तौर पर मनाया जाता है, तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर दीप जलाने को लेकर विवाद नहीं होना चाहिए।
‘दीप जलाना राजनीति नहीं, संस्कृति का हिस्सा’
संतोष सुमन ने कहा कि जन्मदिन मनाने के अलग-अलग तरीके हो सकते हैं। उनके मुताबिक भारतीय परंपरा में दीपक का संबंध प्रकाश, शुभता, ज्ञान और सकारात्मकता से है। इसलिए जन्मदिन पर दीप जलाने को केवल राजनीतिक आयोजन के नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए
‘जिसे पसंद नहीं, वह इसे विवाद न बनाए’
संतोष सुमन ने कहा कि अगर लोग प्रधानमंत्री के जन्मदिन पर अपने घरों, संस्थानों या सार्वजनिक स्थानों पर दीप जलाकर उनके स्वस्थ और दीर्घायु जीवन की कामना करते हैं, तो इसे विवाद का विषय नहीं बनाया जाना चाहिए। उन्होंने इसे लोगों की भावना और सांस्कृतिक परंपरा से जोड़कर देखा।
गया में खुद भी दीप जलाया
प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन के मौके पर गया में आयोजित कार्यक्रम में संतोष कुमार सुमन ने स्वयं भी दीप जलाया। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री के नेतृत्व और देश को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने के प्रयासों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि दीप रोशनी और नई ऊर्जा का प्रतीक है।
