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पीएम मोदी के जन्मदिन पर मुकेश सहनी का तंज, पूछा- बाढ़ में बेघर लोग कहां जलाएंगे दीप?

लाइव सिटीज, पटना: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के मौके पर देशभर में अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी बीच विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) के संस्थापक और बिहार के पूर्व मंत्री मुकेश सहनी ने प्रधानमंत्री को जन्मदिन की शुभकामनाएं देते हुए बिहार की बाढ़ की स्थिति को लेकर सरकार पर सवाल उठाए हैं। सहनी ने विशेष रूप से उन परिवारों की स्थिति का मुद्दा उठाया है, जो बाढ़ के कारण अपने घरों से विस्थापित हुए हैं।

मुकेश सहनी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने का उल्लेख करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने लंबे समय तक सार्वजनिक जीवन में रहते हुए अलग-अलग महत्वपूर्ण राजनीतिक जिम्मेदारियां संभाली हैं। सहनी ने कहा कि अब देश के आम लोगों की उम्मीदों और आकांक्षाओं पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए।

‘बिहार के बेघर लोग कहां जलाएंगे दीप?’

प्रधानमंत्री के जन्मदिन पर दीप जलाने के कार्यक्रम को लेकर मुकेश सहनी ने बिहार की बाढ़ की स्थिति से जोड़ते हुए सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि राज्य में बड़ी संख्या में लोग बाढ़ से प्रभावित हैं और कई परिवारों को अपना घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा है।

सहनी का सवाल था कि जिन लोगों के पास रहने के लिए अपना घर नहीं है और जो बाढ़ के कारण विस्थापित हैं, वे आखिर दीप कहां जलाएंगे। उन्होंने कहा कि किसी भी उत्सव के साथ उन परिवारों की परेशानियों को भी देखना जरूरी है, जो इस समय संकट से गुजर रहे हैं।

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम के तहत विभिन्न स्थानों पर दीप जलाने की तैयारियां की गई हैं। कई जगहों पर घरों, मंदिरों और सार्वजनिक स्थानों पर दीप जलाने की अपील की गई है।

बाढ़ प्रभावित परिवारों की स्थिति पर उठाए सवाल

वीआईपी प्रमुख ने बिहार में बाढ़ के कारण प्रभावित परिवारों की स्थिति को लेकर सरकार से राहत और पुनर्वास पर ज्यादा ध्यान देने की मांग की। उनका कहना है कि जिन परिवारों ने बाढ़ के कारण अपना घर और सामान्य जीवन खोया है, उनके लिए सुरक्षित आवास, राहत सामग्री और दूसरी जरूरी सुविधाएं प्राथमिकता होनी चाहिए।

सहनी ने कहा कि बाढ़ के दौरान लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाना और प्रभावित परिवारों की तत्काल मदद करना जरूरी है। इसके साथ ही बाढ़ का पानी उतरने के बाद जिन परिवारों के सामने दोबारा घर और रोजी-रोटी खड़ी करने की चुनौती होगी, उनके पुनर्वास की भी व्यवस्था करनी होगी।

सरकार की प्राथमिकताओं पर भी साधा निशाना

मुकेश सहनी ने बिहार में बाढ़ की स्थिति को लेकर सरकार और भाजपा की प्राथमिकताओं पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि जब राज्य के कई हिस्सों में लोग बाढ़ और विस्थापन की समस्या से परेशान हैं, तब केवल उत्सव और कार्यक्रमों पर ध्यान देने के बजाय प्रभावित लोगों की समस्याओं पर भी गंभीरता से काम होना चाहिए।

उन्होंने इसी संदर्भ में ‘नीरो बांसुरी बजा रहा था’ वाली कहावत का इस्तेमाल करते हुए सरकार पर संवेदनहीनता का आरोप लगाया। यह सहनी का सरकार की प्राथमिकताओं को लेकर राजनीतिक हमला था।

‘अच्छे दिन’ को लेकर भी उठाया सवाल

प्रधानमंत्री को शुभकामना देते हुए सहनी ने उनके लंबे सार्वजनिक जीवन का जिक्र किया और कहा कि अब आम लोगों की उम्मीदें पूरी होने का समय होना चाहिए। उन्होंने कहा कि जनता आर्थिक और सामाजिक रूप से बेहतर स्थिति की उम्मीद करती है।

सहनी ने इस बात पर भी सवाल उठाया कि आम लोगों के लिए अच्छे दिन कब आएंगे। उनके बयान का केंद्र यह रहा कि राजनीतिक उपलब्धियों और बड़े आयोजनों के साथ-साथ आम जनता की रोजमर्रा की समस्याओं पर भी सरकार को ध्यान देना चाहिए।

विपक्ष की भूमिका का किया जिक्र

वीआईपी नेता ने कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष का काम केवल सरकार की आलोचना करना नहीं, बल्कि जनता से जुड़े मुद्दों को सामने रखना भी है। उन्होंने कहा कि अगर किसी राज्य में बड़ी संख्या में लोग बाढ़, विस्थापन या दूसरी समस्याओं का सामना कर रहे हैं तो उन मुद्दों को उठाना जरूरी है।

सहनी ने कहा कि प्रधानमंत्री के जन्मदिन पर होने वाले कार्यक्रमों के बीच बिहार के गरीब और बाढ़ प्रभावित परिवारों की परेशानियां चर्चा से बाहर नहीं होनी चाहिए। उनके मुताबिक सरकार को राहत के साथ-साथ प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की दिशा में भी ठोस कदम उठाने चाहिए।

पीएम मोदी को फिर दी जन्मदिन की शुभकामना

मुकेश सहनी ने अपने बयान के अंत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने देश के आम नागरिकों की आर्थिक और सामाजिक आकांक्षाएं पूरी होने की उम्मीद जताई और बिहार के बाढ़ प्रभावित परिवारों को सुरक्षित आवास तथा पर्याप्त सहायता उपलब्ध कराने की मांग दोहराई।

इस तरह प्रधानमंत्री के जन्मदिन पर आयोजित हो रहे दीप जलाने के कार्यक्रमों के बीच मुकेश सहनी ने बिहार की बाढ़ और विस्थापन को लेकर सरकार की प्राथमिकताओं पर सवाल खड़े किए हैं। उनका बयान राजनीतिक रूप से ऐसे समय आया है, जब प्रधानमंत्री के जन्मदिन के अवसर पर देश के अलग-अलग हिस्सों में सेवा और दीप प्रज्वलन से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

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