लाइव सिटीज, पटना: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के मौके पर बिहार में आयोजित होने वाले ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम को लेकर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने बीजेपी और एनडीए सरकार पर निशाना साधा है। तेजस्वी यादव ने बुधवार को पटना में मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि एक तरफ बिहार में बाढ़ की वजह से बड़ी संख्या में लोग प्रभावित हैं, वहीं दूसरी ओर प्रधानमंत्री के जन्मदिन पर दीया-बाती जलाकर कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है।
बाढ़ के बीच जन्मदिन कार्यक्रम पर सवाल
तेजस्वी यादव ने कहा कि बिहार में लोग बाढ़ की वजह से परेशान हैं और कई इलाकों में गंभीर स्थिति बनी हुई है। उनके मुताबिक, ऐसे समय में सरकार को बाढ़ प्रभावित परिवारों की मदद पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि बाढ़ पीड़ितों के लिए सरकार के पास देने को कुछ नहीं है, लेकिन प्रधानमंत्री के जन्मदिन के लिए बड़ी रकम खर्च करने की तैयारी की जा रही है।
‘100 करोड़ रुपये खर्च करने को तैयार’
तेजस्वी यादव ने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर दीया-बाती और अन्य आयोजन के लिए करीब 100 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। उन्होंने इसी मुद्दे को लेकर बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि बाढ़ प्रभावित लोगों की सहायता के लिए पर्याप्त कदम उठाने के बजाय प्रधानमंत्री के जन्मदिन के आयोजन पर इतनी बड़ी राशि खर्च करने की तैयारी है। यह 100 करोड़ रुपये वाला आंकड़ा तेजस्वी यादव के बयान में आया है; इसे सरकारी खर्च का स्वतंत्र रूप से सत्यापित आंकड़ा नहीं माना जाना चाहिए।
बेरोजगारी और महंगाई का भी उठाया मुद्दा
तेजस्वी यादव ने अपने बयान में बाढ़ के साथ बेरोजगारी और महंगाई का भी मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि आम लोग कई तरह की परेशानियों से जूझ रहे हैं। इसी संदर्भ में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शासनकाल और ‘अच्छे दिन’ के वादे पर भी सवाल खड़े किए।
‘बाढ़ से लोग मर रहे और दीया-बाती जला रहे’
तेजस्वी यादव ने कहा कि बिहार में बाढ़ से लोग प्रभावित हैं, लेकिन सरकार प्रधानमंत्री के जन्मदिन पर दीया-बाती जलाने के कार्यक्रम में जुटी है। उन्होंने इसे लेकर बीजेपी पर राजनीतिक हमला करते हुए कहा कि मौजूदा समय में प्राथमिकता बाढ़ प्रभावित लोगों को राहत पहुंचाना होनी चाहिए।
‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर आयोजित किए जाने वाले सेवा संकल्प अभियान से जुड़ा है। इस कार्यक्रम को लेकर बिहार में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है।
