लाइव सिटीज, पटना: बिहार में एक बार फिर नदियों के बढ़ते जलस्तर ने बाढ़ की चिंता बढ़ा दी है। राज्य के अलग-अलग हिस्सों में गंगा, गंडक, कोसी, बूढ़ी गंडक और सोन समेत कई नदियों के जलस्तर में तेजी देखी जा रही है। कई स्थानों पर नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। लगातार बढ़ते पानी के कारण तटवर्ती और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की मुश्किलें बढ़ने लगी हैं।
सबसे ज्यादा चर्चा इस समय सोन नदी को लेकर है। मंगलवार को सोन नदी में पानी का प्रवाह करीब 5.25 लाख क्यूसेक तक पहुंच गया, जो इस साल अब तक का सबसे ऊंचा स्तर बताया जा रहा है। पानी के बढ़ते दबाव को देखते हुए रोहतास जिले में स्थित इंद्रपुरी बराज के 69 गेट खोल दिए गए हैं, ताकि अतिरिक्त पानी का सुरक्षित तरीके से निकास किया जा सके।
सोन नदी में बढ़ा पानी, तटवर्ती इलाकों में चिंता
सोन नदी का जलस्तर बढ़ने का असर उसके किनारे बसे इलाकों पर दिखाई देने लगा है। बताया जा रहा है कि बाणसागर से छोड़ा गया पानी भी सोन नदी में पहुंचा है। इसके कारण नदी में जलप्रवाह बढ़ा है और मनेर के आसपास भी सोन का पानी खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है।निचले इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए यह स्थिति इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि नदी के जलस्तर में और वृद्धि होने पर खेतों, ग्रामीण रास्तों और आबादी वाले क्षेत्रों में पानी फैलने का खतरा बढ़ सकता है।
गंगा कई स्थानों पर लाल निशान के ऊपर
गंगा नदी भी बिहार में कई जगहों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। पटना के दीघा, गांधी घाट और हाथीदह के साथ-साथ भागलपुर के कहलगांव क्षेत्र में भी गंगा का जलस्तर चिंता का कारण बना हुआ है।गंगा के बढ़ते पानी के साथ-साथ कई स्थानों पर कटाव की समस्या भी गंभीर हो रही है। भागलपुर के राघोपुर इलाके में गंगा के कटाव से तटबंध पर दबाव बढ़ने की सूचना है। यहां नदी के किनारे सुरक्षा कार्यों की निगरानी बढ़ाई गई है।
भागलपुर में कटाव ने बढ़ाई परेशानी
भागलपुर के राघोपुर क्षेत्र में गंगा के कटाव की स्थिति विशेष रूप से गंभीर बताई जा रही है। नदी के तेज बहाव से तटबंध के एक हिस्से को नुकसान पहुंचा है और आसपास के इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ी है।कटाव की वजह से नदी किनारे मौजूद संरचनाओं और आवागमन से जुड़ी सुविधाओं पर भी खतरा मंडरा रहा है। प्रशासन और जल संसाधन विभाग की टीमों की ओर से स्थिति पर नजर रखी जा रही है और संवेदनशील स्थानों पर बचाव एवं सुरक्षा कार्य किए जा रहे हैं।
गंडक नदी का भी बढ़ा दबाव
उत्तर बिहार में गंडक नदी का जलस्तर भी लगातार उतार-चढ़ाव कर रहा है। नेपाल में हुई बारिश और वहां से आने वाले पानी का असर गंडक के प्रवाह पर पड़ रहा है।डुमरियाघाट में गंडक का पानी खतरे के निशान से ऊपर बताया गया है। बंगराघाट के पास भी नदी का जलस्तर लाल निशान से ऊपर है। पश्चिम चंपारण के कुछ इलाकों में नदी कटाव की समस्या भी सामने आई है।
इस बीच वाल्मीकिनगर बराज से भी बड़ी मात्रा में पानी छोड़ा गया है। आधिकारिक जल-संसाधन अपडेट के मुताबिक बराज के सभी 36 गेट खोले गए हैं और पानी के प्रवाह पर लगातार नजर रखी जा रही है।
कोसी नदी भी खतरे के ऊपर
कोसी नदी का जलस्तर भी कई स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर बना हुआ है। बलतारा और कुरसेला में कोसी का पानी लाल निशान के ऊपर दर्ज किया गया है।कोसी और गंडक के बढ़ते जलस्तर के कारण उत्तर बिहार के कई जिलों में प्रशासन को विशेष सतर्कता बरतनी पड़ रही है। नदी किनारे बसे गांवों में लोगों को पानी की स्थिति पर नजर रखने और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों की ओर जाने के लिए तैयार रहने को कहा जा रहा है।
बूढ़ी गंडक में भी बढ़ा पानी
खगड़िया क्षेत्र में बूढ़ी गंडक नदी का जलस्तर भी खतरे के निशान से ऊपर बताया गया है। कई नदियों में एक साथ पानी बढ़ने के कारण बाढ़ की स्थिति को लेकर प्रशासन की चिंता बढ़ी है।हालांकि हर इलाके में स्थिति एक जैसी नहीं है। कहीं पानी बढ़ रहा है तो कहीं जलस्तर में उतार-चढ़ाव जारी है। इसलिए प्रशासन की ओर से नदी के जलस्तर और तटबंधों की लगातार निगरानी की जा रही है।
निचले इलाकों में विशेष सतर्कता
बिहार में एक साथ कई प्रमुख नदियों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। नदी के किनारे अनावश्यक रूप से जाने, तेज बहाव में उतरने या अफवाहों पर भरोसा करने से बचने की सलाह दी जा रही है।प्रशासन की प्राथमिकता तटबंधों की निगरानी, संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था और जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाना है।
प्रशासन की नजर हर घंटे बदलती स्थिति पर
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी बिहार की कई प्रमुख नदियों में बढ़ते जलस्तर के कारण बनी बाढ़ की स्थिति का उल्लेख किया है। सरकार की ओर से बाढ़ प्रबंधन और जल संसाधन विभाग को आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए जाने की जानकारी सामने आई है।ऐसे में आने वाले घंटों में नदियों के जलस्तर में होने वाला बदलाव बेहद महत्वपूर्ण रहेगा। सोन में बढ़ा जलप्रवाह, गंगा-गंडक का ऊंचा जलस्तर और कोसी के उफान ने राज्य के कई हिस्सों में प्रशासन की सतर्कता बढ़ा दी है
