लाइव सिटीज, पटना: बिहार में स्वास्थ्य सेवाओं को आम लोगों के और करीब ले जाने की दिशा में राज्य सरकार ने एक बड़े जन-जागरूकता अभियान की शुरुआत की है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पटना में आयोजित कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्य जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अभियान का उद्देश्य बड़ी आबादी तक स्वास्थ्य जांच और इससे जुड़ी जरूरी जानकारी पहुंचाना है।
सरकार की योजना के तहत करीब 6 करोड़ लोगों तक स्वास्थ्य जांच की सुविधा और स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। अभियान के दौरान लोगों को नियमित स्वास्थ्य जांच के महत्व के बारे में बताया जाएगा, ताकि बीमारी के लक्षण सामने आने के बाद इलाज शुरू करने के बजाय समय रहते स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की पहचान की जा सके।
जिलों में अभियान को लेकर प्रशासन को जिम्मेदारी
मुख्यमंत्री ने अभियान को केवल पटना तक सीमित रखने के बजाय पूरे बिहार में प्रभावी ढंग से लागू करने पर जोर दिया है। इसके लिए सभी जिलों के जिलाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं। जिला प्रशासन को स्थानीय स्तर पर अभियान की गतिविधियों को व्यवस्थित करने और अधिक से अधिक लोगों तक इसकी जानकारी पहुंचाने की जिम्मेदारी निभानी होगी।
जागरूकता रथ अलग-अलग क्षेत्रों में जाकर लोगों को स्वास्थ्य जांच और सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति जागरूक करने में मदद करेंगे। खास तौर पर ग्रामीण और दूर-दराज के इलाकों में स्वास्थ्य संबंधी जानकारी पहुंचाना इस तरह के अभियान का अहम हिस्सा माना जा रहा है।
बीमारी की पहचान समय पर करने पर जोर
स्वास्थ्य जांच का सबसे बड़ा फायदा यह है कि कई बीमारियों की शुरुआती स्थिति में पहचान हो सकती है। अक्सर लोग किसी परेशानी को सामान्य समझकर जांच नहीं कराते और जब समस्या गंभीर होती है, तब अस्पताल पहुंचते हैं। ऐसे में सरकार का यह अभियान लोगों को समय पर जांच कराने के लिए प्रेरित करने पर केंद्रित रहेगा।
अभियान के जरिए लोगों को अपनी सेहत के प्रति सतर्क रहने, जरूरत पड़ने पर चिकित्सकीय सलाह लेने और उपलब्ध सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं का इस्तेमाल करने के लिए जागरूक किया जाएगा।
प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के बीच समन्वय जरूरी
इतने बड़े स्तर पर अभियान को सफल बनाने के लिए जिला प्रशासन के साथ स्वास्थ्य विभाग की भूमिका भी महत्वपूर्ण होगी। अलग-अलग जिलों में स्थानीय जरूरत और आबादी के हिसाब से अभियान की गतिविधियों को आगे बढ़ाया जा सकता है। जागरूकता रथ के माध्यम से लोगों तक स्वास्थ्य से जुड़ी जरूरी सूचनाएं पहुंचाने के साथ उन्हें उपलब्ध सुविधाओं के बारे में भी जानकारी देने पर जोर रहेगा।
मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद अब जिलों में प्रशासनिक स्तर पर अभियान को गति देने की तैयारी है। सरकार का लक्ष्य है कि स्वास्थ्य जांच और जागरूकता की यह पहल अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचे और लोग अपनी सेहत को लेकर समय रहते जरूरी कदम उठाएं।
