लाइव सिटीज, पटना: बिहार सरकार ने राज्य में आयोजित होने वाली प्रतियोगी एवं भर्ती परीक्षाओं को अधिक पारदर्शी, निष्पक्ष और सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है. राज्य के सामान्य प्रशासन विभाग ने विभिन्न परीक्षा बोर्डों, आयोगों, विश्वविद्यालयों और भर्ती एजेंसियों के ली जाने वाली परीक्षाओं में सुधार लाने के उद्देश्य से एक उच्चस्तरीय ‘परीक्षा सुधार विशेषज्ञ समिति’ का गठन किया है. इस समिति की कमान पटना उच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति हरीश कुमार को सौंपी गई है. हरीश कुमार समिति का अध्यक्ष नियुक्त करते हुए आधिकारिक अधिसूचना भी जारी कर दी गई है
आज यानी 1 सितंबर 2026 को जारी अधिसूचना (संख्या- 15954) के अनुसार, पूर्व में 23 अगस्त 2026 को निर्गत अधिसूचना की कंडिका-7 में परीक्षा सुधार के लिए एक विशेषज्ञ समिति बनाने का प्रावधान किया गया था. इसी प्रक्रिया के तहत सामान्य प्रशासन विभाग के अनुरोध पर पटना उच्च न्यायालय के महानिबंधक की ओर से जस्टिस हरीश कुमार के नाम का प्रस्ताव प्राप्त हुआ था, जिस पर अंतिम मुहर लगाते हुए राज्य सरकार ने उन्हें ये अहम जिम्मेदारी सौंपी है.
जस्टिस हरीश कुमार की अध्यक्षता में यह समिति बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC), बिहार कर्मचारी चयन आयोग (BSSC), बिहार तकनीकी सेवा आयोग, बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग सहित राज्य के विभिन्न विश्वविद्यालयों में संचालित होने वाली भर्ती और शैक्षणिक परीक्षाओं की कार्यप्रणाली, प्रश्न-पत्र प्रबंधन और मूल्यांकन व्यवस्था का अध्ययन करेगी. साथ ही, मौजूद कमियों को दूर करने और भविष्य में होने वाली सभी परीक्षाओं को कदाचारमुक्त और समय पर ढंग से संपन्न कराने के लिए समिति अपनी अनुशंसाएं राज्य सरकार को सौंपेगी, जिससे लाखों अभ्यर्थियों को राहत मिल सकेगी.
