लाइव सिटीज, पटना: पटना में आज राष्ट्रीय जनता दल के बड़े शक्ति प्रदर्शन की तैयारी है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के नेतृत्व में होने वाले लोकभवन मार्च को लेकर राजद नेताओं और कार्यकर्ताओं का जुटान शुरू हो गया है। पार्टी के विधायक, विधान पार्षद और सांसद बड़ी संख्या में पटना पहुंच रहे हैं।
राजद नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच जबरदस्त जोश दिखाई दे रहा है। नेता सरकार और पुलिस की कार्रवाई के खिलाफ जमकर आवाज बुलंद करते नजर आ रहे हैं। इसी दौरान पुलिस की कार्रवाई को लेकर नेताओं की ओर से बेहद आक्रामक बयान भी सामने आए हैं।
दरअसल, यह पूरा प्रदर्शन सीवान में छात्र आंदोलन के दौरान पुलिस द्वारा कथित तौर पर AK-47 से फायरिंग किए जाने के मामले को लेकर है। राजद का आरोप है कि छात्रों के प्रदर्शन के दौरान पुलिस की ओर से जिस तरह बल प्रयोग किया गया, उसकी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। पार्टी सिर्फ एक पुलिसकर्मी पर कार्रवाई को पर्याप्त नहीं मान रही है और वरिष्ठ अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठा रही है।
तेजस्वी यादव पहले ही ऐलान कर चुके हैं कि राजद इस मुद्दे को लेकर सड़क पर उतरेगी। पार्टी के सांसदों, विधायकों, विधान पार्षदों और कार्यकर्ताओं को मार्च में शामिल होने का आह्वान किया गया है। कार्यक्रम को लेकर अब राजद के अंदर जबरदस्त लामबंदी दिखाई दे रही है।
तेजस्वी यादव का कहना है कि बिहार को पुलिसिया स्टेट नहीं बनने दिया जाएगा। उनका सवाल है कि छात्रों पर AK-47 से फायरिंग की नौबत क्यों आई और इसके लिए आदेश किस स्तर से दिया गया। राजद इस पूरे मामले में सरकार से जवाब और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग कर रही है।वहीं, सरकार की ओर से इस घटना को लेकर अलग पक्ष रखा गया है। सुप्रीम कोर्ट में बिहार सरकार ने कहा था कि AK-47 से गोलियां चेतावनी के तौर पर हवा में चलाई गई थीं और प्रदर्शनकारियों के घायल होने की परिस्थितियों को लेकर विपक्ष के दावों से सरकार सहमत नहीं है।
