लाइव सिटीज, पटना: बिहार में जमीन, मकान और फ्लैट की रजिस्ट्री कराने वालों के लिए 17 अगस्त 2026 से बड़ा बदलाव होने जा रहा है। राज्य के सभी निबंधन कार्यालयों में पेपरलेस रजिस्ट्री व्यवस्था लागू करने की तैयारी पूरी कर ली गई है। इस नई व्यवस्था का मकसद रजिस्ट्री की प्रक्रिया को आसान, तेज और अधिक पारदर्शी बनाना है।
नई व्यवस्था के तहत जमीन की डीड तैयार करने से लेकर स्टांप शुल्क के भुगतान, बायोमेट्रिक सत्यापन और डिजिटल हस्ताक्षर तक की प्रक्रिया ऑनलाइन होगी। यानी रजिस्ट्री के दौरान कागजी दस्तावेजों पर निर्भरता काफी कम हो जाएगी। अधिकारियों के मुताबिक, राज्य के 141 निबंधन कार्यालयों में से 51 कार्यालयों में पेपरलेस व्यवस्था पहले ही शुरू हो चुकी है, जबकि बाकी कार्यालयों में भी 17 अगस्त तक इसे लागू करने का लक्ष्य रखा गया है।
पेपरलेस रजिस्ट्री व्यवस्था में ई-सिग्नेचर का इस्तेमाल किया जाएगा। निबंधन विभाग के सहायक निबंधन महानिदेशक निगम कुमार के अनुसार, डिजिटल प्रक्रिया के तहत ई-सिग्नेचर के माध्यम से निबंधन की कार्रवाई पूरी की जाएगी। इससे कागजी दस्तावेजों पर निर्भरता कम होगी और रिकॉर्ड को डिजिटल रूप में सुरक्षित रखना आसान होगा।डिजिटल रिकॉर्ड का एक बड़ा फायदा यह भी माना जा रहा है कि भविष्य में किसी जमीन या रजिस्ट्री से जुड़े दस्तावेज की जरूरत पड़ने पर उसकी खोज और सत्यापन अपेक्षाकृत आसान होगा। रिकॉर्ड के डिजिटल रूप में सुरक्षित रहने से दस्तावेजों के रखरखाव में भी सुविधा होगी।
