लाइव सिटीज, पटना: तेजस्वी यादव के लोकभवन मार्च के ऐलान के बाद बिहार की सियासत में बयानबाजी तेज हो गई है। सरकार में मंत्री ने नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर विधानसभा चुनाव में राजद को एक सीट भी कम मिलती, तो तेजस्वी नेता प्रतिपक्ष के पद पर नहीं होते।मंत्री श्रवण कुमार ने तेजस्वी के मार्च को लेकर भी सवाल उठाए और इसे राजनीतिक दिखावा करार दिया। उन्होंने कहा कि विपक्ष को सरकार के खिलाफ आंदोलन करने से पहले अपनी राजनीतिक स्थिति पर भी विचार करना चाहिए।
तेजस्वी यादव के लोकभवन मार्च पर श्रवण कुमार ने कहा कि बिहार की जनता ने अगर विपक्ष को एक सीट कम दी होती तो तेजस्वी यादव नेता प्रतिपक्ष नहीं होते. उन्होंने कहा कि जिसने मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के दिन का ऐलान कर दिया हो, वो कहीं भी जा सकते हैं. मंत्री ने यह भी कहा कि जिस मामले को लेकर तेजस्वी राजभवन जा रहे हैं, उस पर सरकार पहले से कार्रवाई कर रही है.
मुख्यमंत्री की बीजेपी के मंत्रियों के साथ हुई बैठक पर भी श्रवण कुमार ने प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री बीजेपी के मंत्रियों से बातचीत कर रहे हैं. इसमें किसी को आपत्ति क्यों होनी चाहिए?उन्होंने कहा कि बीजेपी के मंत्रियों ने खुद बताया है कि बैठक किस वजह से हुई थी. श्रवण कुमार ने कहा कि उनके पास भी एक दिन पहले कई मंत्री आए थे और अलग-अलग मुद्दों पर बातचीत हुई. उन्होंने दावा किया कि सब ठीक है और आगे भी सब ठीक रहेगा.
प्रशांत किशोर की ओर से नौकरी बांटने के दावे पर श्रवण कुमार ने भी पलटवार किया. उन्होंने कहा कि उनकी बातों पर अब किसी को भरोसा नहीं है.मंत्री ने 2025 के विधानसभा चुनाव के दौरान प्रशांत किशोर के एक बयान का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि उस समय प्रशांत किशोर ने कहा था कि अगर नीतीश कुमार की पार्टी 25 सीट जीतती है तो वह राजनीति से संन्यास ले लेंगे. श्रवण कुमार ने सवाल किया कि अब तक उन्होंने संन्यास क्यों नहीं लिया?
