लाइव सिटीज, पटना: राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग में भ्रष्टाचार और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ बिहार सरकार ने सख्त रुख अपनाया है. विभागीय मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए. बैठक में अधिकारियों के खिलाफ चल रही विभागीय कार्रवाई की विस्तृत समीक्षा की गई. इसके बाद जांच प्रक्रिया में तेजी लाने और लंबित मामलों के निपटारे के निर्देश दिए गए.
विभागीय आंकड़ों के अनुसार, वर्तमान में अंचल अधिकारी और राजस्व अधिकारी समेत कुल 70 पदाधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई चल रही है. इनमें 23 मामलों में जांच रिपोर्ट प्राप्त हो चुकी है, जबकि 47 मामलों की रिपोर्ट अब भी लंबित है.विभाग में फिलहाल 17 अधिकारी निलंबित हैं. इनमें 11 अधिकारी रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़े गए थे. सरकार का मानना है कि भ्रष्टाचार के मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
बैठक में यह भी फैसला लिया गया कि निलंबित अंचल और राजस्व अधिकारियों को खाली नहीं बैठाया जाएगा. मुख्यालय वाले प्रमंडलों के अधीन उनसे विशेष भू-सर्वेक्षण का काम लिया जाएगा. विभाग का मानना है कि इससे मानव संसाधन का बेहतर उपयोग हो सकेगा.जिन अपर समाहर्ताओं (एडीएम) ने समय पर जांच रिपोर्ट नहीं सौंपी है, उन्हें एक सप्ताह की अंतिम मोहलत दी जाएगी. निर्धारित समय में रिपोर्ट नहीं देने पर उनके खिलाफ अनुशासनहीनता की कार्रवाई की अनुशंसा सामान्य प्रशासन विभाग से की जाएगी.
