लाइव सिटीज, पटना: बिहार के शहरों में अब पार्किंग के नाम पर होने वाली ‘अवैध वसूली’ का खेल खत्म होने जा रहा है. सड़कों पर चलते वाहनों को रोककर जबरन पर्ची थमाने वाले ठेकेदारों के खिलाफ सरकार ने आर-पार की जंग छेड़ दी है.
उपमुख्यमंत्री सह नगर विकास मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने प्रदेश के सभी नगर निकायों को कड़ा निर्देश जारी करते हुए कहा है कि राह चलते वाहनों से पार्किंग शुल्क लेना न केवल गैर-कानूनी है, बल्कि पूरी तरह अमानवीय भी है.
नगर विकास एवं आवास विभाग को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि कई शहरों में बिना निर्धारित पार्किंग स्थल के भी वाहन चालकों से शुल्क लिया जा रहा है. कई जगहों पर पार्किंग शुल्क की दरों की कोई सूची भी प्रदर्शित नहीं की जाती, जिससे वाहन चालकों से मनमाने तरीके से पैसे वसूले जा रहे थे.
सरकार ने सभी नगर आयुक्तों और नगर कार्यपालक पदाधिकारियों को निर्देश दिया है कि नगर निकाय क्षेत्रों में केवल चिन्हित और स्वीकृत पार्किंग स्थलों पर ही शुल्क लिया जाए. हर पार्किंग स्थल पर पार्किंग शुल्क की दर तालिका अनिवार्य रूप से प्रदर्शित करनी होगी, ताकि वाहन चालकों को पहले से ही तय शुल्क की जानकारी मिल सके.
उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने यह भी कहा कि शव वाहनों से पार्किंग शुल्क की वसूली करना न सिर्फ अवैध बल्कि अमानवीय भी है. उन्होंने ऐसे मामलों पर तत्काल रोक लगाने का निर्देश दिया है और नगर निकायों से सख्ती से इसका पालन कराने को कहा है.
राज्य में चल रहे विशेष सर्वेक्षण और बंदोबस्त कार्यों की प्रगति की समीक्षा भी जल्द की जाएगी. 13 मार्च को राजस्व (सर्वे) प्रशिक्षण संस्थान, शास्त्रीनगर, पटना में दोपहर दो बजे बैठक आयोजित होगी, जिसकी अध्यक्षता उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा करेंगे.
