लाइव सिटीज, पटना: बिहार राज्यसभा चुनाव के लिए विपक्ष की ओर से तेजस्वी यादव को उम्मीदवार बनाए जाने की चर्चा है. इसके बाद से राज्य का सियासी पारा हाई है. जन सुराज प्रमुख प्रशांत किशोर ने इसको लेकर बड़ा बयान दिया है. पीके का कहना है कि तेजस्वी राज्यसभा जाएं या विधानसभा जाएं उससे लोगों को क्या मतलब है. यह मुद्दा नहीं है कि किसी नेताजी के बच्चे विधायक और सांसद बन जाएंगे. बिहार के लोगों का मुद्दा यह है कि यहां का लाखों युवा 10-15 हजार रुपये के रोजगार के लिए पूरे देश में मारा-मारा फिर रहा है.
प्रशांत किशोर ने आगे कहा, “नेताजी के बच्चों की जिंदगी अच्छे से निकल जाएगी, लेकिन बिहार की आम जनता के बच्चे आज भी ट्रेनों में जानवरों की तरह बैठकर 10-15 हजार का रोजगार पाने के लिए देशभर में जाते हैं और मजदूरी करने को मजबूर हैं
प्रशांत किशोर ने आगे कहा, “नितीश कुमार सरकार के 6 महीने भी पूरे होने वाले हैं. सरकार ने जनता से सबसे बड़ा धोखा किया है कि 2 लाख रुपये का वादा किया था, लेकिन 10 हजार रुपये देकर बाकी का पैसा घोंट लिया. इस मुद्दे से शुरुआत होगी. लोगों के बीच जाएंगे और सरकार से आग्रह करेंगे कि बाकी का एक लाख 90 हजार रुपये भी लोगों को दें. इसके साथ, अन्य स्थानीय मुद्दों को भी उठाया जाएगा
