लाइव सिटीज, पटना: लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (PHED), बिहार सरकार द्वारा जलवायु-संवेदनशील भूजल प्रबंधन विषय पर आयोजित राज्यस्तरीय कार्यशाला का शुभारंभ आज मंत्री संजय कुमार सिंह द्वारा किया गया। यह कार्यशाला राज्य में सुरक्षित एवं सतत पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
अपने उद्घाटन संबोधन में मंत्री संजय कुमार सिंह ने कहा कि “हर घर नल का जल” योजना के माध्यम से राज्य में करोड़ों ग्रामीण परिवारों तक शुद्ध पेयजल पहुंचाया गया है, जो बिहार सरकार की एक बड़ी उपलब्धि है।
उन्होंने कहा कि बदलते जलवायु परिदृश्य और अनियमित वर्षा के कारण भूजल पर बढ़ता दबाव भविष्य के लिए गंभीर चुनौती बन सकता है, इसलिए जल संरक्षण और भूजल प्रबंधन को सर्वोच्च प्राथमिकता देना आवश्यक है।
मंत्री ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि पेयजल आपूर्ति योजनाओं के साथ-साथ भूजल संरक्षण, सतही जल आधारित योजना, अंतर विभागीय समन्वय तथा जनभागीदारी को भी समान रूप से बढ़ावा देना होगा, ताकि आने वाली पीढ़ियों के लिए जल संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके।
कार्यशाला में विभिन्न विभागों के वरीय अधिकारियों, अभियंताओं, वैज्ञानिकों तथा विकास साझेदार संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इस दौरान भूजल संरक्षण, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव, जल स्रोतों की स्थिरता तथा दीर्घकालिक जल सुरक्षा से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों द्वारा तकनीकी सत्रों के माध्यम से भूजल प्रबंधन के वैज्ञानिक एवं व्यवहारिक पहलुओं पर विचार-विमर्श किया गया तथा राज्य में जल सुरक्षा को मजबूत करने के लिए समन्वित प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया गया।कार्यशाला का उद्देश्य राज्य में जलवायु के अनुकूल, सुदृढ़ एवं टिकाऊ पेयजल प्रबंधन प्रणाली विकसित करना है, जिससे आम जनता को निरंतर एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराया जा सके।
