लाइव सिटीज, पटना: अशोक चौधरी और सुनील सिंह के बीच कथित “नकली डिग्री” को लेकर तीखी बहस ने बुधवार को बिहार विधान परिषद की कार्यवाही को गरमा दिया। धान खरीद के मुद्दे पर चर्चा के दौरान दोनों नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर चला, जिससे सदन में हंगामे की स्थिति बन गई।
दरअसल, पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब एमएलसी महेश्वर सिंह ने सवाल उठाया कि पैक्स द्वारा नमी का बहाना बनाकर किसानों का धान नहीं खरीदा जा रहा है। उन्होंने कहा कि धान खरीद की अवधि समाप्त होने में महज आठ दिन शेष हैं, जबकि लगभग 10 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद बाकी है। ऐसे में किसान मजबूरी में कम कीमत पर बाजार में धान बेचने को विवश हो रहे हैं।
जवाब में मंत्री अशोक चौधरी ने कहा कि इस विषय पर केंद्रीय मंत्री से बातचीत हुई है और धान खरीद की समय-सीमा बढ़ाने पर विचार चल रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि कहीं कम मात्रा में चावल दिया जा रहा है तो आवेदन मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। इसी दौरान उन्होंने पूरक प्रश्न पूछने वाले सदस्य पर इशारों में तंज कसते हुए कहा कि “पहले 15 साल क्या होता था, तब धान का प्रोक्योरमेंट ही नहीं होता था,” और यह भी टिप्पणी की कि पूरक प्रश्न पूछने वाले को शायद पूरी जानकारी नहीं है।
इस टिप्पणी पर सुनील सिंह भड़क उठे। उन्होंने पलटवार करते हुए कहा कि उनकी बुद्धि और समझदारी पर सवाल न उठाया जाए। उन्होंने चेतावनी भरे अंदाज में कहा कि यदि वे चाहें तो डिग्री से जुड़ी पूरी सच्चाई सामने ला सकते हैं और उन्हें पता है कि डिग्री कैसे प्राप्त की गई है। इस पर अशोक चौधरी भी आगबबूला हो गए और कहा कि उनकी डिग्री को गलत साबित करके दिखाया जाए, अन्यथा आरोप लगाने वाले को परिषद से इस्तीफा देना होगा।
