लाइव सिटीज, पटना: बिहार सरकार के स्वास्थ्य व विधि मंत्री एवं पश्चिम बंगाल भाजपा प्रभारी मंगल पाण्डेय ने पश्चिम बंगाल के नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी के काफिले पर हुए जानलेवा हमले की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल की आराजक सरकार हिंसा व अन्याय के बल पर सरकार चला रही है। इस प्रदेश में सरकार के इशारे पर चुनावी हिंसा व गुंडागर्दी सत्ता की जरुरत बन चुकी है। यही वजह है कि चुनावी रण में जीत के लिए टीएमसी अपने प्रतिद्वंदियों पर हमला व खून – खराबा पर उतर आते हैं। यहां सत्ता संरक्षित टीएमसी के गुंडे अब भाजपा कार्यकर्ताओं व नेताओं को निशाना बना उन्हें डराना चाहते हैं। मगर ममता दीदी शायद यह भूल गई कि इस प्रदेश की जनता सबसे निडर है और अगामी विधानसभा चुनाव में उन्हें करारी शिकस्त देने का मन बना चुकी है।
मंगल पांडेय ने कहा कि बंगाल में पश्चिम मेदिनीपुर के घाटाल के चंद्रकोना रोड पर शनिवार रात बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी के काफिले पर हमला अशोभनीय है। राज्य में विपक्ष के नेता, कार्यकर्ता व जनता सुरक्षित नहीं हैं। अब गृह मंत्रालय ने भी इस मामले को लेकर रिपोर्ट मांगी है। हमारे नेता सुवेंदु अधिकारी ने तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं पर हमले का आरोप लगाया है।
इस घटना के बाद भाजपा तथा तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं में जमकर मारपीट भी हुई। कई लोग जख्मी हो गए। घटना के विरोध तथा आरोपितों की गिरफ्तारी की मांग पर श्री सुवेंदु ने चंद्रकोना पुलिस थाने में घरना भी दिया। मगर सत्ता में बैठे लोग गुंडों के समर्थन में हैं। यह घटना उस समय घटी जब पुरुलिया से लौटते समय सुवेंदु का स्वागत करने के लिए भाजपा कार्यकर्ता खड़े थे। उन्होंने नौ लोगों के खिलाफ थाने में एफआइआर दर्ज कराई है। हमले की जांच राज्य सरकार करे और उचित दंडनात्मक कार्रवाई करे।
मंगल पांडेय ने कहा कि बंगाल में ईडी की कार्रवाई के दौरान भी अराजक स्थित सामने आई थी। जब मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनके साथ राज्य के कई वरिष्ठ अधिकारियों की कथित उपस्थिति देखी गई। सीएम ममता बनर्जी खुद आईपैक निदेशक के घर और फिर सेक्टर पांच स्थित कार्यालय पहुंचीं। वहां उनके अधिकारी कई फाईल लेकर चले गए। यह घटना बंगाल में राजनीति और शासन के ’’खतरनाक घालमेल’’ का उदाहरण है।
