लाइव सिटीज, पटना : बिहार विधान परिषद चुनाव में पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से लगातार चौथी बार जीत दर्ज करने के बाद जेडीयू नेता नीरज कुमार के तेवर बदले-बदले नजर आ रहे हैं। चुनाव के दौरान और उससे पहले केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह के साथ उनके मतभेदों को लेकर पार्टी के अंदर काफी चर्चा हुई थी। अब चुनाव परिणाम आने के बाद नीरज कुमार ने ललन सिंह को लेकर ऐसा बयान दिया है, जिसने जेडीयू की अंदरूनी राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी है।
नीरज कुमार ने ललन सिंह को पार्टी का बड़ा और वरिष्ठ नेता बताते हुए उनके राजनीतिक योगदान की खुलकर सराहना की है। उन्होंने समता पार्टी के गठन से लेकर जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के मौजूदा स्वरूप तक ललन सिंह की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। साथ ही स्पष्ट किया कि उनके और ललन सिंह के बीच जो भी मतभेद हुए हैं, वे पार्टी के अंदरूनी मामले हैं और इस पर अंतिम फैसला पार्टी का शीर्ष नेतृत्व करेगा।
हालांकि, ललन सिंह की तारीफ करने के बावजूद नीरज कुमार ने अपने पुराने विवाद को पूरी तरह भुलाया नहीं है। उन्होंने 2019 के लोकसभा चुनाव का जिक्र करते हुए बताया कि उस समय उनके खिलाफ एक आपराधिक मुकदमा दर्ज कराया गया था। नीरज का कहना है कि उस मामले में उनका कोई लेना-देना नहीं था। बाद में पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद मामला बंद हो गया था।
उन्होंने इसी घटना को अपने और ललन सिंह के बीच मतभेद की एक वजह बताया। नीरज कुमार ने कहा कि राजनीतिक घटनाक्रम में जब कोई क्रिया होती है तो उसकी प्रतिक्रिया भी होती है।
