लाइव सिटीज, पटना: बिहार में विधान परिषद की सीटों पर हो रहे चुनाव के बीच NDA प्रत्याशी अभिषेक झा ने अपनी जीत को लेकर भरोसा जताया है। मतदान के दौरान उन्होंने कहा कि लोकतंत्र को मजबूत बनाने के लिए हर मतदाता को अपने मताधिकार का इस्तेमाल करना चाहिए। उन्होंने लोगों से मतदान केंद्रों तक पहुंचकर बढ़-चढ़कर वोट डालने की अपील की। अभिषेक झा ने कहा कि NDA के सहयोगी दलों और कार्यकर्ताओं ने चुनाव में काफी मेहनत की है और मतदाताओं को जागरूक करने का प्रयास किया है।
NDA के पक्ष में माहौल होने का दावा
अभिषेक झा ने कहा कि चुनाव में हर प्रत्याशी अपनी जीत का दावा करता है, लेकिन NDA का गठबंधन मजबूत स्थिति में है। उन्होंने दावा किया कि क्षेत्र की 28 विधानसभा सीटों में से 26 पर NDA के सहयोगी दलों को समर्थन मिला था। इसी आधार पर उन्होंने चुनाव में बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद जताई।
हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि अंतिम फैसला मतदाता ही करेंगे। उनके मुताबिक, मतदाता लोकतंत्र में सबसे महत्वपूर्ण हैं और प्रत्याशियों को अपना निर्णय जनता पर छोड़ना चाहिए। उन्होंने लोगों से मतदान में हिस्सा लेने और अपने मताधिकार का प्रयोग करने की अपील की।
शिक्षकों के वायरल वीडियो पर क्या बोले अभिषेक साह?
चुनाव के दौरान शिक्षकों से जुड़े एक वायरल वीडियो को लेकर भी अभिषेक साह ने अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि चुनाव में शिक्षकों की भूमिका काफी महत्वपूर्ण रही है। उनके अनुसार, शिक्षक वर्ग ने प्रत्याशियों को समर्थन देने के साथ-साथ प्रचार और चुनावी गतिविधियों में भी योगदान दिया है।
अभिषेक झा ने आरोप लगाया कि शिक्षकों के योगदान को उचित महत्व नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि किसी प्रत्याशी को एक वोट से भी मदद मिलती है, तो उसे उस व्यक्ति के प्रति आभारी रहना चाहिए। उनके मुताबिक, चुनाव जीतने के बाद प्रत्याशी केवल अपने समर्थकों का नहीं, बल्कि सभी मतदाताओं का प्रतिनिधि होता है।
उन्होंने शिक्षकों से अपील करते हुए कहा कि वे वायरल वीडियो को भी देखें और चुनाव के दौरान किए गए दावों तथा व्यवहार का आकलन करें। उन्होंने पिछले चुनाव के दौरान सामने आए एक भावुक वीडियो का जिक्र करते हुए कहा कि इस बार शिक्षकों को केवल भावनाओं के आधार पर नहीं, बल्कि अपने मुद्दों और हितों को ध्यान में रखकर फैसला करना चाहिए।
सातवें वेतनमान और प्रोन्नति का मुद्दा उठाया
अभिषेक झा ने कहा कि शिक्षक वर्ग की प्रमुख मांगों में सातवां वेतनमान, प्रोन्नति और अन्य लंबित समस्याओं का समाधान शामिल है। उन्होंने दावा किया कि शिक्षकों ने इन मुद्दों को ध्यान में रखते हुए बदलाव का मन बना लिया है।
उन्होंने कहा कि शिक्षकों की मांगों को पूरा करने के लिए प्रयास किए जाने चाहिए और NDA के साथ इन मुद्दों के समाधान की संभावना जताई। हालांकि, यह उनका चुनावी दावा है; इन मांगों पर आगे क्या निर्णय होगा, यह संबंधित नीतिगत प्रक्रिया पर निर्भर करेगा।
दूसरे नंबर की लड़ाई पर क्या कहा?
जब अभिषेक झा से पूछा गया कि दूसरे स्थान के लिए उनका मुकाबला किस प्रत्याशी से है, तो उन्होंने किसी उम्मीदवार का नाम लेने से परहेज किया। उन्होंने कहा कि उनका सीधा संवाद मतदाताओं से है और वह किसी प्रत्याशी के साथ लड़ाई के नजरिये से चुनाव नहीं लड़ रहे हैं।
उन्होंने कहा कि मतदाताओं का स्नेह और समर्थन उन्हें मिल रहा है और उन्हें बेहतर परिणाम की उम्मीद है। अभिषेक साह ने एक बार फिर दोहराया कि चुनाव का अंतिम निर्णय मतदाता करेंगे और उन्हें अपने जनसमर्थन पर भरोसा है।कुल मिलाकर, मतदान के दिन अभिषेक झा ने NDA की मजबूती, शिक्षकों की मांगों और मतदाताओं की भूमिका को अपने बयान के केंद्र में रखा। अब चुनाव परिणाम ही बताएंगे कि उनका भरोसा कितनी हद तक मतों में तब्दील होता है।
