लाइव सिटीज, पटना: बिहार विधान परिषद चुनाव में मतदान से ठीक पहले पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र का सियासी माहौल गरमा गया। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के उम्मीदवार डॉ. संजीव कुमार के आवास पर देर रात अचानक बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों के पहुंचने से हलचल मच गई।सात पुलिस गाड़ियों से जवान उनके घर पहुंचे थे। इस घटनाक्रम की जानकारी खुद डॉ. संजीव कुमार ने वीडियो जारी कर दी। हालांकि, बाद में पुलिस टीम उनके आवास से बिना किसी गिरफ्तारी के लौट गई।
डॉ. संजीव कुमार ने अपने वीडियो में आरोप लगाया कि पुलिस उन्हें गिरफ्तार करने और उनके घर की तलाशी लेने के इरादे से पहुंची थी। उन्होंने दावा किया कि पुलिसकर्मी बिना सर्च वारंट या जरूरी कानूनी दस्तावेज दिखाए कार्रवाई करने की कोशिश कर रहे थे। उम्मीदवार ने इस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए इसे चुनाव से ठीक पहले उन्हें परेशान करने की कोशिश बताया।
वहीं घटना पर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की भी प्रतिक्रिया सामने आई है। तेजस्वी ने राजद प्रत्याशी डॉ. संजीव कुमार के आवास का वीडियो एक्स पर शेयर करते हुए पुलिस की इस कार्रवाई पर सवाल उठाया। तेजस्वी ने अपनी में लिखा, आपराधिक चरित्र का सर्टिफाइड व्यक्ति (जो सात हत्याओं का आरोपी हो) जब वह प्रदेश का मुख्यमंत्री बन जाता है तो पुलिस का चरित्र भी आपराधिक हो जाता है।
उन्होंने कहा कि, कल होने वाले शिक्षक और स्नातक निर्वाचन में हमारे उम्मीदवार के घर पर बिना किसी सर्च वारंट के रात एक बजे पुलिस भेज कर हताश करने की असफल कोशिश करने वाले डरपोक कायर मुख्यमंत्री एवं उनकी अपराधी माफ़िया पुलिस से आदरणीय लालू प्रसाद जी और RJD के कार्यकर्ता व नेता डरने वाले नहीं है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि, 2 नंबरी सरकार का 10 नंबरी अपराधी मुख्यमंत्री अभी भी गलतफहमी पाले हुए है। नरेंद्र मोदी ने बंदर के हाथ में उस्तरा देकर बिहार को बर्बाद करने की ठानी है।
