HomeBiharपटना में दुर्गापूजा के 50 से अधिक पंडालों की जांचः डाकबंगला चौराहे...

पटना में दुर्गापूजा के 50 से अधिक पंडालों की जांचः डाकबंगला चौराहे और महावीर मंदिर पंडाल पहुंचे फायर DIG, जानें क्या कहा

लाइव सिटीज, पटना: दुर्गा पूजा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अग्निशमन विभाग ने सख्ती बढ़ा दी है। पूजा पंडालों में आग से बचाव और सुरक्षा के निर्धारित मानकों का पालन नहीं करने वाले आयोजकों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी है। फायर DIG मनोज कुमार नट ने स्पष्ट किया है कि जिन पूजा पंडालों में सुरक्षा नियमों की अनदेखी की जाएगी, उनके खिलाफ शुक्रवार शाम से कार्रवाई शुरू की जाएगी। जरूरत पड़ने पर संबंधित लोगों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है।

विभाग की इस चेतावनी के बाद पूजा पंडालों के संचालकों को सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त करने और संभावित दुर्घटनाओं को रोकने के लिए आवश्यक इंतजाम सुनिश्चित करने को कहा गया है। अधिकारियों का जोर है कि पूजा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु पंडालों में पहुंचते हैं। ऐसे में बिजली, सजावट और आग से बचाव से जुड़ी छोटी-सी लापरवाही भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।

फायर DIG ने खुद किया पंडालों का निरीक्षण

फायर DIG मनोज कुमार नट ने पटना के प्रमुख पूजा स्थलों का निरीक्षण कर वहां की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने डाकबंगला चौराहे और महावीर मंदिर के पूजा पंडालों में पहुंचकर आग से बचाव के इंतजामों का निरीक्षण किया। इस दौरान पंडाल संचालकों को जरूरी सावधानियां बरतने और सुरक्षा मानकों को गंभीरता से लागू करने का निर्देश दिया गया।

निरीक्षण का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पूजा के दौरान उमड़ने वाली भीड़ के बीच आग लगने या बिजली से संबंधित किसी दुर्घटना की आशंका को कम किया जा सके। विभाग ने आयोजकों को स्पष्ट संदेश दिया है कि केवल पंडाल की सजावट और व्यवस्था पर ध्यान देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए जरूरी इंतजाम करना भी उनकी जिम्मेदारी है।

झूलते बिजली के तारों को तुरंत दुरुस्त कराने का निर्देश

निरीक्षण के दौरान फायर DIG ने पूजा पंडालों में बिजली की व्यवस्था को लेकर विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि जहां भी बिजली के तार झूलते हुए या असुरक्षित स्थिति में दिखाई दें, उन्हें तत्काल दुरुस्त कराया जाए।

पूजा पंडालों में रोशनी, सजावट और अन्य व्यवस्थाओं के लिए बिजली का व्यापक इस्तेमाल किया जाता है। ऐसे में खुले या ढीले तार, खराब कनेक्शन और असुरक्षित वायरिंग दुर्घटना का खतरा बढ़ा सकते हैं। इसलिए आयोजकों को निर्देश दिया गया कि बिजली से जुड़े सभी इंतजामों की जांच कराई जाए और किसी भी तरह की लापरवाही न बरती जाए।

सिंथेटिक कपड़ों के इस्तेमाल से बचने की सलाह

पंडालों की सजावट में इस्तेमाल होने वाली सामग्री को लेकर भी अग्निशमन विभाग ने सतर्कता बरतने को कहा है। फायर DIG मनोज कुमार नट ने पंडाल संचालकों को सिंथेटिक कपड़ों के इस्तेमाल से बचने की सलाह दी।

पंडालों में कपड़े, सजावटी पर्दे और अन्य सामग्री का उपयोग किया जाता है। यदि आग लग जाए, तो ज्वलनशील सामग्री के कारण आग तेजी से फैल सकती है। इससे वहां मौजूद श्रद्धालुओं को सुरक्षित बाहर निकालने में परेशानी हो सकती है। ऐसे में आयोजकों को सजावट के दौरान आग से जुड़े जोखिमों को ध्यान में रखने और सुरक्षित विकल्प अपनाने की सलाह दी गई है।

आग लगने पर तत्काल बचाव के लिए पानी रखने का निर्देश

अग्निशमन विभाग ने पंडालों में आग से निपटने के लिए शुरुआती इंतजाम रखने पर भी जोर दिया है। फायर DIG ने संचालकों को पंडाल में ड्रम में पानी भरकर रखने का निर्देश दिया, ताकि आग लगने की स्थिति में शुरुआती स्तर पर तत्काल बचाव का प्रयास किया जा सके।

हालांकि, केवल पानी रखने से आग से सुरक्षा सुनिश्चित नहीं होती। आयोजकों को आग बुझाने के उपलब्ध उपकरणों की व्यवस्था, सुरक्षित निकास मार्ग और आपात स्थिति में लोगों को बाहर निकालने की तैयारी पर भी ध्यान देना चाहिए। बिजली से लगी आग या अन्य विशेष प्रकार की आग में पानी डालना खतरनाक हो सकता है। ऐसी स्थिति में उपयुक्त अग्निशमन उपकरणों का इस्तेमाल और प्रशिक्षित कर्मियों की सहायता जरूरी है।

सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर होगी कार्रवाई

फायर DIG ने साफ कर दिया है कि पूजा पंडालों में सुरक्षा मानकों का पालन अनिवार्य है। जिन आयोजकों के यहां जांच के दौरान नियमों की अनदेखी पाई जाएगी, उनके खिलाफ शुक्रवार शाम से कार्रवाई की जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर कानूनी कदम भी उठाए जा सकते हैं।

अधिकारियों ने पंडाल संचालकों को संभावित खतरों की पहचान कर समय रहते जरूरी सुधार करने का निर्देश दिया है। विभाग का उद्देश्य किसी हादसे के बाद कार्रवाई करने के बजाय पहले से ही सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करना है।

श्रद्धालुओं की सुरक्षा पर विभाग का विशेष जोर

दुर्गा पूजा के दौरान पटना के प्रमुख पंडालों में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना रहती है। भीड़भाड़ वाले स्थानों पर बिजली के तारों की खराब व्यवस्था, आग पकड़ने वाली सजावटी सामग्री और आपातकालीन इंतजामों की कमी गंभीर स्थिति पैदा कर सकती है।

इसी को देखते हुए अग्निशमन विभाग ने पूजा आयोजकों से अपील की है कि वे सभी सुरक्षा निर्देशों का पालन करें और किसी भी संभावित खतरे को नजरअंदाज न करें। पंडालों में सुरक्षित बिजली व्यवस्था, आग से बचाव के उचित साधन और आपात स्थिति में बाहर निकलने की व्यवस्था सुनिश्चित करना जरूरी है।

विभाग की इस सख्ती का मुख्य उद्देश्य पूजा के दौरान किसी भी अप्रिय घटना को रोकना और श्रद्धालुओं को सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराना है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि निरीक्षण के बाद पंडाल संचालक निर्धारित समय के भीतर सुरक्षा से जुड़ी कमियों को कितना दूर कर पाते हैं।

RELATED ARTICLES

Most Popular

Recent Comments

freefonnatic1971 on Home