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तेजस्वी यादव का बड़ा ऐलान, 7 अक्टूबर को हर प्रखंड में आक्रोश मार्च, 8 को जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन

लाइव सिटीज, पटना: बिहार में चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष का आंदोलन अब और तेज होने जा रहा है। राष्ट्रीय जनता दल के नेता और बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सोमवार को इंडिया गठबंधन की बैठक के बाद आंदोलन का पूरा कार्यक्रम घोषित किया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए विपक्ष एकजुट होकर सड़क पर उतरेगा।

तेजस्वी यादव ने कहा कि बिहार से ही विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR की प्रक्रिया शुरू हुई थी। विपक्ष लगातार आरोप लगाता रहा है कि चुनाव आयोग ने अपनी जिम्मेदारी ईमानदारी से नहीं निभाई और चुनावी प्रक्रिया में गड़बड़ी हुई। उनका दावा है कि जिस ‘वोट चोरी’ की बात विपक्ष पहले से करता रहा है, वह अब सामने आ रही है। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर भी गंभीर आरोप लगाए और कहा कि वे लगातार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इशारे पर काम करते रहे।

तेजस्वी ने बिहार और पश्चिम बंगाल के चुनावों का जिक्र करते हुए कहा कि दोनों जगह चुनाव के दौरान बड़े स्तर पर धांधली हुई। उन्होंने सवाल उठाया कि बिहार में चुनाव के दौरान महिलाओं के खातों में 10-10 हजार रुपये भेजे गए, तब चुनाव आयोग ने इस पर कार्रवाई क्यों नहीं की।

उन्होंने कहा कि बिहार लोकतंत्र की जननी है और यहीं से लोकतंत्र को खत्म करने की शुरुआत की गई। तेजस्वी ने कहा कि विपक्ष किसी भी कीमत पर लोकतंत्र को खत्म नहीं होने देगा। इसी वजह से इंडिया गठबंधन के सभी दलों ने मिलकर चरणबद्ध आंदोलन का फैसला किया है।

7 अक्टूबर को हर प्रखंड में आक्रोश मार्च

तेजस्वी यादव ने बताया कि 7 अक्टूबर को बिहार के सभी प्रखंडों में इंडिया गठबंधन के नेता और कार्यकर्ता आक्रोश मार्च निकालेंगे। यह मार्च मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के साथ-साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ होगा।

8 अक्टूबर को जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन

उन्होंने कहा कि 8 अक्टूबर को बिहार के सभी जिला मुख्यालयों पर महागठबंधन के नेता और कार्यकर्ता धरना-प्रदर्शन करेंगे। वहीं पटना में गठबंधन के वरिष्ठ नेता खुद सड़क पर उतरेंगे और लोकभवन की ओर मार्च करेंगे।तेजस्वी के मुताबिक, पटना में यह मार्च विधानसभा के सामने सप्तमूर्ति के पास से शुरू होगा। इसके जरिए विपक्ष चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली, SIR और कथित वोट चोरी के मुद्दे को लेकर अपना विरोध दर्ज कराएगा।

‘लोकतंत्र और संविधान में विश्वास रखने वाले लोग हैं’

तेजस्वी यादव ने कहा कि विपक्ष लोकतंत्र और संविधान में विश्वास रखने वाला है। उन्होंने कहा कि बिहार के नागरिक होने के नाते वे लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर नहीं होने देंगे। उनका कहना था कि इसी उद्देश्य से इंडिया गठबंधन के सभी साथी एकजुट हुए हैं और आगे के आंदोलन का कार्यक्रम तय किया गया है।

तेजस्वी ने मुख्य चुनाव आयुक्त के पद और उनकी नियुक्ति से जुड़े नियमों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पहले मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति वाली प्रक्रिया में भारत के मुख्य न्यायाधीश की भी भूमिका होती थी, लेकिन बाद में इसमें बदलाव किया गया। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि चुनाव से जुड़े रिकॉर्ड को लंबे समय तक सुरक्षित रखने के बजाय उसकी अवधि कम क्यों की गई।

तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग और ज्ञानेश कुमार की भूमिका को लेकर विपक्ष लगातार सवाल उठाता रहा है। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई किसी एक पार्टी की नहीं, बल्कि लोकतंत्र और संविधान को बचाने की लड़ाई है। इसी को लेकर अब इंडिया गठबंधन ने बिहार में प्रखंड से लेकर जिला मुख्यालय और पटना तक चरणबद्ध आंदोलन की रणनीति तैयार की है।

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