लाइव सिटीज, पटना: बिहार में नेपाल से आ रहे पानी और नदियों के उफान ने तबाही मचा रखी है. राज्य के 6 जिलों में बाढ़ से करीब 1.59 लाख लोग बुरी तरह प्रभावित हुए हैं. गंडक और कोसी समेत कई प्रमुख नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं. बगहा और बेतिया में चार स्थानों पर तटबंध टूट गए हैं. इससे निचले इलाकों में पानी तेजी से भर रहा है और लोगों के घर डूब रहे हैं.
छपरा के हजलपुर गांव में तो पानी के तेज बहाव में एक पूरा मकान ही ढहकर बह गया. वहीं, सारण जिले में गंडक नदी की तेज धार में दो तेंदुए बहते दिखे. इनमें से एक तेंदुआ तैरकर किनारे पहुंचा और पेड़ पर चढ़ गया, जबकि दूसरा पानी के साथ आगे बह गया. पटना, बेगूसराय और खगड़िया में गंगा का जलस्तर तेजी से चढ़ रहा है. पटना में कई घाट पानी में डूब चुके हैं, जिससे तटीय इलाकों में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है.
- बाढ़ के संकट के बीच राहत की बात यह है कि आज गुरुवार को बिहार में भारी बारिश की आशंका नहीं है. मौसम विभाग ने आज के लिए कोई अलर्ट जारी नहीं किया है. दिन में धूप निकलने से अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी हो सकती है. हालांकि, हवा में नमी अधिक रहने के कारण लोगों को तीखी उमस परेशान करेगी.
- मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, मानसून की गतिविधि फिलहाल कमजोर पड़ गई है. राज्य के ऊपर कोई मजबूत मौसमी सिस्टम सक्रिय नहीं है. इस वजह से बारिश थमेगी और आसमान साफ रहेगा. बारिश के बाद जमीन में नमी मौजूद है, जिससे धूप खिलने पर उमस भरी गर्मी महसूस होगी.
13 जिलों में जमकर बरसे बादल
- मौसम विभाग पटना के आंकड़ों के मुताबिक, बीते 24 घंटे में राज्य के 13 जिलों में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई. खगड़िया में सबसे ज्यादा 36.2 मिमी बारिश हुई, जो सामान्य से 474% अधिक है. मुंगेर में 29 मिमी, लखीसराय में 24.7 मिमी, बेगूसराय में 19.2 मिमी और भागलपुर में 19.8 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई.
- इसके अलावा रोहतास, बांका, अरवल, गोपालगंज, औरंगाबाद, सीवान, पश्चिम चंपारण, मधेपुरा, गया, सहरसा, शेखपुरा, जमुई, नालंदा, पटना और वैशाली में भी सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई.
