लाइव सिटीज, भागलपुर: विक्रमशिला सेतु पर वाहनों का परिचालन बुधवार की मध्य रात्रि से बंद हो जाएगा। क्षतिग्रस्त स्लैब के स्थायी पुनर्स्थापन कार्य के लिए तीन महीने का मेगा ब्लॉक लिया गया है। इसके तहत न सिर्फ टूटे स्लैब की जगह नया स्लैब लगाया जाएगा, बल्कि तीन अन्य स्लैब की गड़बड़ियों को दुरुस्त करने के लिए स्टील का स्पोर्ट (ट्रस ब्रिज) बनाया जाएगा। वाहनों और पैदल यात्रियों को रोकने के बाद बेली ब्रिज को खोल दिया जाएगा।
इसलिए तीन माह तक नदी मार्ग से आवागमन हो पाएगा। जिला प्रशासन ने छह घाटों से जहाज चलाने का निर्णय लिया है। अभी 11 क्रूज (यात्री जहाज) एवं सात कार्गो (मालवाहक जहाज) को परिचालन की मंजूरी दी गई है। यात्री जहाज पर बाइक और साइकिल भी ले जा सकेंगे। जबकि मालवाहक जहाज पर चारपहिया वाहनों की आवाजाही की जा सकेगी। कार्गो से नदी पार करने पर प्रशासन द्वारा निर्धारित किराया जहाज संचालकों को देना पड़ेगा। डीएम अलंकृता पांडेय ने बताया कि फिलहाल नावें नहीं चलेंगी। पानी घटने के बाद नावों के परिचालन पर निर्णय हो सकेगा।
डीएम ने स्पष्ट कहा कि यदि किसी कारण से कुछ यात्री अंतिम जहाज पर चढ़ने से चूक जाते हैं तो उन्हें घाटों पर बने यात्री शेड में ही रात बितानी होगी। किसी सूरत में सूर्यास्त बाद नाव नहीं चलेगी। डीएम ने बताया कि त्योहार को देखते हुए मालदा डिवीजन और पूर्व-मध्य रेलवे से भागलपुर वाया मुंगेर, खगड़िया, नवगछिया होते हुए आगे तक के लिए ट्रेन चलाने का अनुरोध किया गया है.
मंगलवार को ही डीएम की बनाई समिति ने जहाजों की यात्री क्षमता का आकलन किया है। एक ट्रिप में करीब चार हजार यात्रियों को आर-पार कराया जा सकता है। एसएसपी प्रमोद कुमार यादव ने बताया कि जहाज संचालकों द्वारा यात्रियों से किराया न वसूला जाए, इसकी निगरानी के लिए मजिस्ट्रेट और सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है। नावों से नदी मार्ग की पेट्रोलिंग भी होगी। इसका रोस्टर बन गया है। प्रेस कांफ्रेंस में सभी एडीएम, पुल निगम के अभियंता, टीओ, एसडीओ आदि मौजूद रहे.
सुविधाएँ और सुरक्षा उपाय
मजिस्ट्रेट और पुलिस पदाधिकारियों की तैनाती दो पाली में : सुबह 04 बजे से 12 बजे तक, 12 बजे से रात 08 बजे तक.
घाटों पर क्या रहेगी सुविधा : सभी जेट्टी के पास मेडिकल यूनिट, सफाई दस्ता, पानी भरा टेंकर, मोबाइल यूरिनल (स्त्री-पुरुष के लिए अलग).
भोजन-नाश्ता के लिए जीविका दीदी के स्टॉल, यहां निर्धारित शुल्क देकर खाने की सुविधा.
सभी घाटों पर यात्री शेड की व्यवस्था, शेड में पानी, रोशनी और पंखे की सुविधा होगी.
अस्थायी थाना बनाया गया : दो थानेदारों के हाथ कमान। दो पाली में करेंगे ड्यूटी.
एनडीआरएफ-एसडीआरएफ के अलावा चार नावों पर होगी आपदा मित्रों की तैनाती.
