लाइव सिटीज, पटना: लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) की ओर से गुरुवार को पटना के वेटनरी ग्राउंड में ‘Youth BOLE TO’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने बिहार के युवाओं, खासकर Gen-Z से सीधे संवाद किया। आयोजन का फोकस पारंपरिक राजनीतिक भाषण के बजाय युवाओं की बात सुनने और उनके सवालों पर चर्चा करने पर रहा।
युवाओं ने खुलकर रखे अपने सवाल
कार्यक्रम में युवाओं की ओर से शिक्षा, रोजगार, प्रतियोगी परीक्षाओं, करियर और कौशल विकास से जुड़े सवाल उठाए गए। बदलती तकनीक और डिजिटल दौर में युवाओं के सामने पैदा हो रहे नए अवसरों और चुनौतियों पर भी चर्चा हुई। इसके अलावा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), कोडिंग, उच्च शिक्षा, स्टार्टअप और उद्यमिता जैसे विषय भी संवाद का हिस्सा बने।प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं के लिए परीक्षा व्यवस्था, रोजगार के अवसर और करियर को लेकर असमंजस जैसे मुद्दे भी अहम रहे। वहीं तकनीकी क्षेत्र से जुड़े युवाओं के लिए बदलते जॉब मार्केट और नई स्किल हासिल करने की जरूरत पर बातचीत हुई।
‘केंद्रीय मंत्री’ के बजाय बड़े भाई की भूमिका में संवाद
कार्यक्रम में चिराग पासवान ने युवाओं के साथ संवाद के दौरान औपचारिक राजनीतिक संबोधन से अलग अंदाज अपनाया। उन्होंने कहा कि वह यहां केंद्रीय मंत्री के रूप में नहीं, बल्कि बड़े भाई की तरह युवाओं की बात सुनने आए हैं। कार्यक्रम को इस तरह तैयार किया गया था कि युवा सीधे अपनी बात रख सकें और सवाल पूछ सकें।
शिक्षा से रोजगार तक कई मुद्दों पर चर्चा
‘Youth BOLE TO’ के जरिए शिक्षा और रोजगार के बीच की चुनौती भी चर्चा के केंद्र में रही। बिहार के युवाओं के लिए बेहतर उच्च शिक्षा, कौशल प्रशिक्षण और रोजगार के अवसरों के अलावा उद्यमिता को बढ़ावा देने की जरूरत पर भी बातचीत हुई।तकनीक के तेजी से बदलते दौर में युवाओं को नई स्किल से जोड़ना भी महत्वपूर्ण मुद्दा रहा। AI और कोडिंग जैसे क्षेत्रों में बढ़ते अवसरों के बीच युवाओं ने यह जानने की कोशिश की कि बदलते समय के अनुरूप खुद को किस तरह तैयार किया जाए
पलायन और स्टार्टअप के मुद्दे भी अहम
बिहार के युवाओं से जुड़े संवाद में रोजगार के लिए दूसरे राज्यों में होने वाला पलायन भी महत्वपूर्ण विषय रहा। राज्य में ही बेहतर अवसर उपलब्ध कराने, स्टार्टअप को बढ़ावा देने और युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने जैसे विषयों पर भी चर्चा हुई। स्टार्टअप से जुड़े युवाओं के लिए प्रशिक्षण, आर्थिक सहायता और कारोबार के अनुकूल माहौल जैसे मुद्दे भी सामने आए।
युवाओं की भागीदारी पर रहा जोर
पार्टी की ओर से कार्यक्रम को युवाओं के लिए अपनी बात रखने के मंच के तौर पर पेश किया गया था। इससे पहले पार्टी ने बताया था कि कार्यक्रम में शिक्षा, रोजगार, कौशल विकास, उद्यमिता, तकनीक और डिजिटल युग की चुनौतियों से जुड़े सवालों को प्रमुखता दी जाएगी। आयोजन की तैयारियों और युवाओं को जोड़ने की जिम्मेदारी पार्टी के युवा संगठन को दी गई थी।
