लाइव सिटीज, पटना: बिहार में छात्राओं और युवतियों से जुड़ी घटनाओं को लेकर सियासी घमासान बढ़ता जा रहा है। जमुई में छात्रा से कथित छेड़खानी का मामला अभी चर्चा में ही था कि समस्तीपुर के कर्पूरीग्राम थाना क्षेत्र से भी एक युवती के साथ कथित बदसलूकी का वीडियो सामने आ गया। वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस घटना को लेकर राष्ट्रीय जनता दल की नेता रोहिणी आचार्य ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और बिहार सरकार पर तीखा हमला बोला है।
समस्तीपुर में क्या हुआ?
मामला कर्पूरीग्राम थाना क्षेत्र के जगतसिंहपुर गांव के पास बांध बाइपास रोड का बताया जा रहा है। सामने आए वीडियो में कुछ युवक एक लड़की को घेरकर उसके साथ कथित तौर पर बदसलूकी और गाली-गलौज करते दिखाई दे रहे हैं। बताया गया कि लड़की सड़क किनारे रुकी थी, इसी दौरान कुछ युवक वहां पहुंचे और उसके साथ अभद्र व्यवहार करने लगे।
घटना का वीडियो किसी व्यक्ति ने मोबाइल फोन से रिकॉर्ड कर लिया। सोशल मीडिया पर वीडियो सामने आने के बाद पुलिस सक्रिय हुई और मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने वीडियो में नजर आ रहे चार युवकों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अब घटना की परिस्थितियों और इसमें शामिल सभी लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।
रोहिणी आचार्य ने सरकार पर क्या कहा?
समस्तीपुर की घटना सामने आने के बाद रोहिणी आचार्य ने एक्स पर पोस्ट कर बिहार में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने अपने पोस्ट में जमुई, दरभंगा और समस्तीपुर की घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि लगातार सामने आ रहे ऐसे मामले कानून-व्यवस्था की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं।
रोहिणी ने अपने पोस्ट में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की सरकार और पुलिस प्रशासन पर तीखा तंज कसते हुए कहा कि अपराधियों और मनचलों के बीच पुलिस का डर खत्म हो गया है। उन्होंने मुख्यमंत्री के महिला सुरक्षा और ‘जीरो टॉलरेंस’ से जुड़े दावों पर भी सवाल उठाए।
उन्होंने सरकार से सवाल किया कि अगर राज्य में महिलाएं और बेटियां सुरक्षित नहीं हैं तो सरकार के सुरक्षा संबंधी दावों का क्या मतलब रह जाता है। रोहिणी ने यहां तक कहा कि यदि सरकार महिलाओं को सुरक्षा और न्याय देने में सक्षम नहीं है तो ऐसी सरकार और पुलिस प्रशासन के बने रहने का औचित्य क्या है।
‘रील बनेगी, तभी पुलिस जागेगी’ वाला तंज भी चर्चा में
रोहिणी आचार्य इससे पहले जमुई मामले को लेकर भी सरकार पर निशाना साध चुकी हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर यह तंज किया था कि बिहार में पुलिस तभी सक्रिय होती है, जब घटना की ‘रील’ बनकर सोशल मीडिया पर वायरल हो जाए। उनका सवाल था कि अगर घटना का वीडियो सामने नहीं आता तो क्या पुलिस को घटना की जानकारी मिलती और आरोपियों तक पुलिस पहुंच पाती?
रोहिणी ने इसी तर्क के जरिए पुलिस के सूचना तंत्र और अपराध नियंत्रण की व्यवस्था पर सवाल उठाया था। उनके मुताबिक, किसी घटना के सोशल मीडिया पर वायरल होने का इंतजार करने के बजाय पुलिस प्रशासन का अपना मजबूत सूचना तंत्र होना चाहिए।
RJD ने भी सरकार को घेरा
समस्तीपुर मामले पर आरजेडी की ओर से भी सरकार को घेरा गया है। पार्टी नेता शक्ति सिंह यादव ने कहा कि जमुई की घटना के बाद समस्तीपुर में सामने आया वीडियो बेहद गंभीर है। उन्होंने सरकार की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए मुख्यमंत्री से जवाब मांगा और बेटियों की सुरक्षा को लेकर सरकार की जिम्मेदारी तय करने की बात कही।
चार आरोपी गिरफ्तार, जांच जारी
पुलिस ने वायरल वीडियो सामने आने के बाद कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों के मुताबिक, आरोपियों से पूछताछ की जा रही है और घटना से जुड़े अन्य तथ्यों की जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि घटना में और कौन-कौन लोग शामिल थे और वायरल वीडियो में दिखाई दे रहे सभी लोगों की भूमिका क्या थी।
जमुई और समस्तीपुर में सामने आए मामलों के बाद बिहार में महिला और छात्राओं की सुरक्षा एक बार फिर राजनीतिक मुद्दा बन गई है। विपक्ष सरकार से कानून-व्यवस्था और महिला सुरक्षा को लेकर जवाब मांग रहा है, जबकि पुलिस का कहना है कि समस्तीपुर मामले में आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
