लाइव सिटीज, पटना: बिहार में आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने एक महाप्रबंधक के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। EOU की टीम ने संबंधित अधिकारी से जुड़े चार ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। यह कार्रवाई प्रारंभिक जांच में सामने आई कथित आय से अधिक संपत्ति के आधार पर की गई है।
चार स्थानों पर एक साथ पहुंची जांच टीम
जानकारी के अनुसार, आर्थिक अपराध इकाई की अलग-अलग टीमों ने अधिकारी से जुड़े चार परिसरों में तलाशी अभियान चलाया। छापेमारी के दौरान अधिकारियों ने संपत्ति से संबंधित दस्तावेज, वित्तीय लेन-देन से जुड़े कागजात और अन्य महत्वपूर्ण रिकॉर्ड की जांच की। जांच एजेंसी का उद्देश्य यह पता लगाना है कि अधिकारी की घोषित और ज्ञात आय की तुलना में कितनी संपत्ति अर्जित की गई है और उसका स्रोत क्या है।
3.12 करोड़ रुपये की संपत्ति पर जांच
प्रारंभिक जांच में महाप्रबंधक पर अपनी ज्ञात आय के मुकाबले करीब 3.12 करोड़ रुपये की अधिक संपत्ति अर्जित करने का आरोप सामने आया है। EOU इस संपत्ति से जुड़े दस्तावेजों और वित्तीय स्रोतों की जांच कर रही है। तलाशी के दौरान मिले दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों का सत्यापन किए जाने के बाद संपत्ति का अंतिम आकलन किया जाएगा।
दस्तावेजों और वित्तीय रिकॉर्ड की जांच
छापेमारी के दौरान मिले कागजातों में जमीन-मकान समेत अन्य चल-अचल संपत्तियों से संबंधित रिकॉर्ड, बैंकिंग लेन-देन और निवेश से जुड़े दस्तावेज शामिल हो सकते हैं। जांच एजेंसी इन सभी रिकॉर्ड का मिलान अधिकारी की वैध आय, वेतन और अन्य घोषित स्रोतों से करेगी।
जांच के बाद आगे की कार्रवाई
EOU की कार्रवाई अभी जांच की प्रक्रिया का हिस्सा है। तलाशी में मिले दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों की विस्तृत जांच के बाद यह स्पष्ट होगा कि कथित आय से अधिक संपत्ति किन स्रोतों से अर्जित की गई। जांच में आरोपों की पुष्टि होने पर मामले में कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई की जा सकती है।फिलहाल EOU की जांच जारी है और छापेमारी के दौरान मिले दस्तावेजों एवं अन्य साक्ष्यों का परीक्षण किया जा रहा है।
