लाइव सिटीज, पटना: पटना के सदाकत आश्रम स्थित बिहार प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में पूर्व मुख्यमंत्री और स्वतंत्रता सेनानी भोला पासवान शास्त्री की जयंती मनाई गई। बिहार प्रदेश कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग की ओर से आयोजित इस समारोह में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भोला पासवान शास्त्री के जीवन, संघर्ष और समाज के वंचित वर्गों के लिए किए गए कार्यों को याद किया। कार्यक्रम में दलित अधिकार, शिक्षा, सामाजिक न्याय और समान अवसर के मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई।
समारोह में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के अनुसूचित जाति विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने भोला पासवान शास्त्री के सामाजिक और राजनीतिक योगदान को याद करते हुए कहा कि उनके विचारों और सपनों को आगे बढ़ाने के लिए शिक्षा, अधिकार और समान अवसर की लड़ाई जारी रखनी होगी।
शिक्षा और अधिकारों से वंचित रहने का असर आज भी
राजेंद्र पाल गौतम ने कहा कि लंबे समय तक समाज के एक बड़े वर्ग को संपत्ति और ज्ञान से दूर रखा गया। इसका असर आज भी सामाजिक और आर्थिक स्तर पर देखने को मिलता है। उन्होंने कहा कि जब किसी व्यक्ति या समुदाय को शिक्षा से दूर रखा जाता है तो वह अपने अधिकारों और उपलब्ध अवसरों से भी वंचित हो जाता है।
उन्होंने सामाजिक भेदभाव और असमानता का जिक्र करते हुए कहा कि पिछड़े वर्गों के लिए आरक्षण की सिफारिश को लागू होने में भी कई दशक लग गए। उनके मुताबिक, सामाजिक न्याय की लड़ाई केवल किसी एक वर्ग की लड़ाई नहीं है, बल्कि यह समाज में समान अवसर और बराबरी सुनिश्चित करने से जुड़ा विषय है।
भोला पासवान शास्त्री के संघर्ष को किया याद
राजेंद्र पाल गौतम ने कहा कि भोला पासवान शास्त्री स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़े रहे और उन्होंने अपने जीवन को समाज के वंचित वर्गों के अधिकारों के लिए समर्पित किया। उन्होंने कहा कि शास्त्री ने सामाजिक बराबरी और अधिकारों के लिए संघर्ष किया और उनके योगदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाने की जरूरत है।उन्होंने सामाजिक एकता पर जोर देते हुए कहा कि जातिगत विभाजन ने समाज की सामूहिक शक्ति को कमजोर किया है। ऐसे में सामाजिक न्याय के साथ-साथ समाज में एकता और समानता की भावना को मजबूत करना जरूरी है।
आर्थिक कठिनाइयों से बच्चों की शिक्षा प्रभावित होने का मुद्दा उठाया
राजेंद्र पाल गौतम ने शिक्षा और आर्थिक अवसरों को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि आर्थिक कठिनाइयों के कारण आज भी बड़ी संख्या में बच्चे शिक्षा से वंचित रह जाते हैं। उन्होंने शिक्षा को सामाजिक बदलाव और अधिकारों की जानकारी का महत्वपूर्ण माध्यम बताया।
उन्होंने कांग्रेस शासनकाल में स्थापित और राष्ट्रीयकृत संस्थानों का उल्लेख करते हुए केंद्र की भाजपा सरकार की नीतियों पर भी सवाल उठाए। गौतम ने आरोप लगाया कि सार्वजनिक क्षेत्र के संस्थानों और देश के संसाधनों के निजीकरण से आम लोगों के हित प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने सामाजिक न्याय और समान अवसर के लिए संघर्ष को आगे बढ़ाने का आह्वान किया।
भोला पासवान शास्त्री को भारत रत्न देने की मांग
कार्यक्रम में अनुसूचित जाति विभाग के नेता रवींद्र कुमार पासवान ने भोला पासवान शास्त्री के योगदान को याद करते हुए कहा कि उनके काम और विचारों को नई पीढ़ी तक पहुंचाना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि भोला पासवान शास्त्री के कार्यकाल में वृद्धावस्था पेंशन की शुरुआत और आदिवासी विद्यार्थियों के लिए छात्रवृत्ति जैसे कदम उठाए गए थे। रवींद्र कुमार पासवान ने मांग की कि भोला पासवान शास्त्री को भारत रत्न दिया जाए।उन्होंने यह भी मांग रखी कि उनके नाम पर एक संग्रहालय बनाया जाए और किसी प्रमुख चौराहे पर उनकी आदमकद प्रतिमा स्थापित की जाए, ताकि आने वाली पीढ़ियां उनके योगदान और संघर्ष को जान सकें।
रवींद्र पासवान ने कहा कि इन मांगों को लेकर हस्ताक्षर अभियान शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि जरूरत पड़ी तो इन मांगों को लेकर आंदोलन भी किया जाएगा।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम ने बताया वंचित समाज का मजबूत नेता
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम ने कहा कि भोला पासवान शास्त्री का पूरा जीवन दलित और वंचित समाज के उत्थान के लिए समर्पित रहा। उन्होंने कहा कि शास्त्री ने सामाजिक न्याय और आबादी के अनुपात में प्रतिनिधित्व के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया था।
उन्होंने कहा कि उनके जीवन और संघर्ष को याद करना केवल जयंती समारोह तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उनके विचारों को समाज के बीच पहुंचाने का काम भी किया जाना चाहिए।
प्रतिमा दास ने दलित अधिकारों से जुड़े कानूनों का उठाया मुद्दा
पूर्व विधायक प्रतिमा दास ने दलित अधिकारों और उनके लिए बनाए गए कानूनों का उल्लेख किया। उन्होंने वर्तमान सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि दलित और वंचित वर्गों के अधिकारों की रक्षा के लिए लगातार आवाज उठाने की जरूरत है।
मदन मोहन झा ने सादगी और व्यक्तित्व को किया याद
कार्यक्रम में एमएलसी डॉ. मदन मोहन झा ने भोला पासवान शास्त्री को सादगीपूर्ण जीवन और शानदार व्यक्तित्व वाला नेता बताया। उन्होंने कहा कि भोला पासवान शास्त्री के जीवन, विचारों और संघर्ष को समाज के बीच आगे बढ़ाना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
समारोह को शशि पंडित, एसपी लवाना, पटना जिला कांग्रेस अध्यक्ष प्रद्युम्न पासवान, सत्यनारायण, मुरारी पासवान और प्रदीप पासवान समेत अन्य नेताओं ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम में कांग्रेस के बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और बिहार प्रदेश कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग से जुड़े पदाधिकारी मौजूद रहे।समारोह के दौरान वक्ताओं ने भोला पासवान शास्त्री के सामाजिक और राजनीतिक योगदान को याद करते हुए दलित अधिकारों, सामाजिक न्याय, शिक्षा और समान अवसर की लड़ाई को आगे बढ़ाने की बात कही। साथ ही उनके सम्मान में भारत रत्न, संग्रहालय और आदमकद प्रतिमा की मांग को प्रमुखता से उठाया गया।
