लाइव सिटीज, पटना: पटना में जाम और सड़क हादसों पर नियंत्रण के लिए बस, ऑटो और ई-रिक्शा के परिचालन को लेकर नियमों का पालन और सख्ती से कराने की तैयारी है। सरकारी और निजी बसों को अब निर्धारित बस स्टॉप पर ही यात्रियों को चढ़ाने और उतारने के निर्देश दिए गए हैं। बस स्टॉप से आगे या पीछे वाहन रोककर सवारी बैठाने पर ट्रैफिक पुलिस कार्रवाई कर सकती है।
यह निर्णय ट्रैफिक पुलिस, परिवहन विभाग, परिवहन निगम और ऑटो संघ के प्रतिनिधियों की संयुक्त बैठक में लिया गया। अधिकारियों ने शहर में लगातार बनने वाले जाम और यातायात से जुड़े जोखिम वाले स्थानों को लेकर भी चर्चा की।
बस स्टॉप के बाहर रुकने पर होगी कार्रवाई
पटना में चलने वाली सिटी बसों को निर्धारित स्टॉप पर ही रोकने की व्यवस्था लागू करने पर जोर दिया गया है। सड़क के बीच या बस स्टॉप से कुछ दूरी पहले अथवा आगे रुककर यात्रियों को चढ़ाने-उतारने से जाम की स्थिति बनती है। ऐसे मामलों में चालक और ऑपरेटर के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।
जीपीओ स्थित मल्टी मॉडल हब से निकलने वाली बसों को भी निर्धारित व्यवस्था का पालन करना होगा। बसों को हब से गेट बंद करके निकलने और जीपीओ गोलंबर अथवा बाहर सड़क पर अनधिकृत रूप से नहीं रोकने के निर्देश दिए गए हैं।
ऑटो और ई-रिक्शा चालकों के कागजात की होगी जांच
शहर के प्रमुख चौक-चौराहों पर ऑटो और ई-रिक्शा की जांच बढ़ाई जाएगी। जांच के दौरान चालक का ड्राइविंग लाइसेंस और वाहन के जरूरी दस्तावेज देखे जाएंगे।
नाबालिग के वाहन चलाते पकड़े जाने पर वाहन जब्त करने की कार्रवाई की जा सकती है। अधिकारियों का कहना है कि यातायात नियमों की जानकारी और उनका पालन सुनिश्चित करने के लिए चालकों की ट्रेनिंग भी जरूरी है।
1 अक्टूबर से तीन घंटे की ट्रेनिंग जरूरी
लाइसेंस प्राप्त ऑटो और ई-रिक्शा चालकों के लिए 1 अक्टूबर से तीन घंटे की ट्रेनिंग अनिवार्य किए जाने की जानकारी दी गई है। ट्रेनिंग पूरी करने के बाद परिवहन विभाग की ओर से प्रमाणपत्र दिया जाएगा। इसके बिना परिचालन की अनुमति नहीं होने की बात बैठक में कही गई।ऑटो चालक संघ की ओर से चालकों के लिए ड्रेस, बैज और पहचान पत्र की व्यवस्था लागू करने की मांग भी रखी गई है।
बस चालकों को भी दी जाएगी विशेष ट्रेनिंग
राजाबाजार फ्लाईओवर पर हुए बस हादसे के बाद सिटी बस चालकों को यातायात नियमों और सुरक्षित ड्राइविंग को लेकर प्रशिक्षण देने पर जोर दिया गया है। अधिकारियों का मानना है कि चालकों को सड़क पर लेन, स्टॉप और अन्य यातायात नियमों की जानकारी होने से दुर्घटनाओं और जाम की स्थिति को कम करने में मदद मिल सकती है।
बिना VLTD के यात्री वाहनों पर कार्रवाई
पटना में यात्री वाहनों में व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस (VLTD) को लेकर भी सख्ती की जा रही है। परिवहन विभाग के अनुसार बिना VLTD वाले यात्री वाहनों को नए परमिट और फिटनेस प्रमाणपत्र जारी करने में रोक रहेगी।
स्कूल बस, टैक्सी, ओला-उबर और सिटी बस जैसे यात्री वाहनों में VLTD की व्यवस्था को लेकर निगरानी बढ़ाई जा रही है। विभाग के मुताबिक बिना VLTD के पकड़े जाने पर वाहन मालिक पर 5 हजार रुपये तक जुर्माने की कार्रवाई हो सकती है।बिहार परिवहन विभाग की वेबसाइट पर भी VLTD लगाने वाली स्वीकृत कंपनियों की सूची और इससे जुड़े हालिया आदेश उपलब्ध हैं।
CCTV से भी रखी जाएगी नजर
बिना VLTD चल रहे वाहनों की पहचान के लिए प्रमुख चौराहों और टोल प्लाजा पर लगे कैमरों की मदद लेने की बात कही गई है। इसका उद्देश्य यात्री वाहनों की निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना है।VLTD के जरिए वाहन की लोकेशन ट्रैक की जा सकती है। बिहार के आधिकारिक VLT सिस्टम के अनुसार सार्वजनिक परिवहन वाहनों में वाहन लोकेशन ट्रैकिंग और इमरजेंसी अलर्ट व्यवस्था यात्री सुरक्षा से जुड़ी है।
पटना के इन इलाकों में जाम पर खास नजर
बैठक में राजधानी के कई प्रमुख जाम वाले स्थानों को चिन्हित किया गया है। इनमें जीपीओ गोलंबर, डाकबंगला चौराहा, करगिल चौक, बोरिंग रोड चौराहा, हड़ताली मोड़, मीठापुर फ्लाईओवर और पुराना बस स्टैंड रोड शामिल हैं।
इसके अलावा सगुना मोड़, अनीसाबाद गोलंबर, नाला रोड, कंकड़बाग मेन रोड, राजेंद्रनगर ओवरब्रिज, अशोक राजपथ, बाइपास-जीरोमाइल, राजाबाजार, मछुआ टोली, बारी पथ, गायघाट और पुरानी पटना सिटी रोड जैसे इलाकों में भी यातायात व्यवस्था पर निगरानी बढ़ाने की तैयारी है।
पुरानी स्कूल वैन पर भी कार्रवाई की तैयारी
ग्रामीण क्षेत्रों में अधिक पुरानी और असुरक्षित वैन से बच्चों को स्कूल ले जाने की शिकायतों पर भी परिवहन विभाग की नजर है। नियमों का उल्लंघन करने वाले ऐसे वाहनों के खिलाफ जब्ती समेत कार्रवाई की जा सकती है।इस पूरी व्यवस्था का उद्देश्य बसों के अनधिकृत ठहराव को रोकना, सड़कों पर जाम कम करना, यात्री वाहनों की निगरानी बढ़ाना और सड़क सुरक्षा को मजबूत करना है।
