लाइव सिटीज, पटना: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की ‘समृद्धि यात्रा’ आज बेगूसराय के बियाडा स्थित सभा स्थल पहुंची। जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री एक बार फिर अपने पुराने तेवर में नजर आए। जब भाषण के बीच में कुछ जीविका दीदियां और महिलाएं पंडाल छोड़कर जाने लगीं, तो सीएम ने मंच से ही उन्हें रोकते हुए सवाल दाग दिया, जिससे सभा में हंसी और चर्चा का माहौल बन गया।
संबोधन के दौरान महिलाओं को जाते देख नीतीश कुमार ने चुटीले अंदाज में कहा कि “अरे कहां भाग रहे हैं? हम बंद कर दें क्या? काहे भाग रही हैं? पहले उधर से जा रही थीं, अब पीछे से जा रही हैं। अगर सब भाग जाएगा तो हम छोड़ देते हैं, बोलिए हम छोड़ दें?” मुख्यमंत्री ने लोगों से हाथ उठाकर पूछा कि भाषण जारी रहना चाहिए या नहीं, जिसके बाद उन्होंने अपना संबोधन आगे बढ़ाया।
नीतीश कुमार ने अपने भाषण में 2005 से पहले की कानून-व्यवस्था पर जमकर निशाना साधाते हुए कहा कि पहले लोग शाम को घर से निकलने में डरते थे, लेकिन NDA सरकार आने के बाद राज्य में ‘कानून का राज’ स्थापित हुआ। उन्होंने जिक्र किया कि पहले हिंदू-मुस्लिम झगड़े आम थे। उनकी सरकार ने कब्रिस्तानों की घेराबंदी और मंदिरों की बाउंड्री करवाई, जिससे अब शांति का माहौल है। उन्होंने दावा किया कि पिछली सरकार में शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था चौपट थी और सिर्फ अपनों को बढ़ावा दिया जाता था।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने युवाओं को साधते हुए रोजगार के आंकड़ों पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि सरकार अब तक 50 लाख युवाओं को नौकरी और रोजगार दे चुकी है। और आने वाले 5 वर्षों में 1 करोड़ नौकरी और रोजगार देने का लक्ष्य रखा गया है, जिसे आने वाले समय में और बढ़ाया जाएगा। वहीँ, उन्होंने सीधे तौर पर राजद नीत (लालू-राबड़ी) सरकार पर तीखा हमला करते हुए कहा कि पुरानी सरकार को कभी भूलिएगा नहीं, उनका समय डराने वाला था। हमने शांति और विकास का काम किया है और अब हमारा लक्ष्य युवाओं को रिकॉर्ड तोड़ रोजगार देना है।
