लाइव सिटीज, पटना: बिहार की राजनीति में इन दिनों बदलाव की चर्चा तेज है, क्योंकि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्यसभा के लिए नामांकन दाखिल कर दिया है। लेकिन इन सबके बीच विकास कार्यों को लेकर उनकी सख्ती और सक्रियता में कोई कमी नहीं आई है।
मुख्यमंत्री आज अपने गृह क्षेत्र बख्तियारपुर पहुंचे, जहां उन्होंने कई महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं का निरीक्षण किया। इस दौरान बख्तियारपुर-ताजपुर पुल समेत पथ निर्माण विभाग की कई परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई।
निरीक्षण के दौरान जब मुख्यमंत्री ने निर्माण कार्यों की स्थिति देखी, तो कुछ परियोजनाओं में काम की गति अपेक्षा से काफी धीमी पाई गई। इसे लेकर मुख्यमंत्री ने मौके पर ही पथ निर्माण विभाग यानी आरसीडी के वरिष्ठ अधिकारी से कड़ी नाराज़गी जताई।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से साफ शब्दों में कहा कि इन परियोजनाओं को जल्द पूरा करने के निर्देश पहले ही दिए जा चुके थे। इसके बावजूद काम में देरी क्यों हो रही है? मुख्यमंत्री के इस सवाल और उनके गंभीर लहजे के सामने अधिकारी कुछ पल के लिए चुप रह गए।
बताया जा रहा है कि स्थिति को देखते हुए संबंधित अधिकारी ने मुख्यमंत्री के सामने हाथ जोड़कर एक महीने की मोहलत मांगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि एक महीने के भीतर सभी लंबित कार्यों को पूरा कर लिया जाएगा।
मुख्यमंत्री की इस सख्त प्रतिक्रिया से साफ संकेत मिला कि उनके लिए विकास कार्यों की समयबद्धता और गुणवत्ता सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण है। अधिकारियों के लिए यह एक तरह की चेतावनी भी है कि सरकारी परियोजनाओं में किसी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी
