लाइव सिटीज, पटना: देश के राजनीतिक और संवैधानिक गलियारों में उस वक्त बड़ी हलचल मच गई, जब राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने एक साथ कई राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के राज्यपालों व उपराज्यपालों की नियुक्तियों और तबादलों का आदेश जारी किया। इस फेरबदल का सबसे बड़ा केंद्र बिहार और राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली रहे।
भारतीय सेना के पूर्व वरिष्ठ अधिकारी सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन को बिहार का नया राज्यपाल नियुक्त किया गया है। वे सुरक्षा और रणनीतिक मामलों के विशेषज्ञ माने जाते हैं और उनका सेना में करीब 40 वर्षों का शानदार करियर रहा है। विशेष रूप से जम्मू-कश्मीर में 15 कोर (चिनार कोर) के कमांडर के तौर पर उनकी ‘हार्ट्स एंड माइंड्स’ नीति ने उन्हें काफी ख्याति दिलाई थी। उनकी नियुक्ति को बिहार की वर्तमान राजनीतिक स्थितियों में बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
वहीं, केंद्रशासित प्रदेशों में भी भारी फेरबदल देखने को मिला है। दिल्ली के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना का तबादला अब लद्दाख के एलजी के रूप में कर दिया गया है। उनकी जगह दिल्ली की जिम्मेदारी पूर्व राजनयिक तरनजीत सिंह संधू को सौंपी गई है। लद्दाख के पूर्व उपराज्यपाल कविंद्र गुप्ता को अब हिमाचल प्रदेश का राज्यपाल बनाया गया है। दक्षिण भारत और पश्चिम बंगाल के समीकरणों को देखते हुए भी कई बदलाव किए गए हैं। तमिलनाडु के राज्यपाल आर. एन. रवि को अब पश्चिम बंगाल का नया राज्यपाल नियुक्त किया गया है, जबकि केरल के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर को तमिलनाडु भेजा गया है
