लाइव सिटीज, पटना: बिहार विधानसभा के बजट सत्र का आज 15वां दिन है. आज सदन की कार्यवाही के दौरान सत्ताधारी दलों के विधायकों ने इथेनॉल और मक्का किसानों के मुद्दे को उठाया. गायघाट से जेडीयू विधायक कोमल सिंह ने कहा कि इथेनॉल प्लांट की डिमांड कम होने से मक्का की कीमत आधी हो गई है. इससे बिहार और यहां के किसानों को नुकसान हो रहा है. सरकार इसके लिए क्या कर रही है?
इस पर उद्योग मंत्री दिलीप जायसवाल ने स्पष्ट किया कि राज्य एक भी इथेनॉल प्लांट को बंद नहीं होंगे. उन्होंने सवाल का जवाब देते बताया कि सदन में सवाल उठने के बाद बिहार का एक प्रतिनिधमंडल केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री से मिला है.
उद्योग मंत्री ने बताया कि राज्य में राज्य में 11 डेडिकेटेड इथेनॉल प्लांट हैं, जिनका केंद्र सरकार से समझौता है. इनसे पहले पेट्रोलियम कंपनी 46 करोड़ लीटर इथेनॉल खरीदती थी. इस साल 11 करोड़ लीटर की खरीदारी कम गई थी. उन्होंने कहा कि ये खरीदारी एक बार फिर से शुरू हो जाएगी.
दिलीप जायसवाल इथेनॉल प्लांट ऐसे हैं, जिनका केंद्र सरकार से कोई समझौता नहीं है. ऐसे में इनकी खरीब-बिक्री कैसे होगी, इसकी जिम्मेदारी केंद्र सरकार की नहीं है. वैसे कुछ लोगों ने सोशल मीडिया पर इथेनॉल प्लांट बंद होने का माहौल बनाया था, जबकि ऐसा कुछ नहीं है. सरकार इथेनॉल प्लांट को लेकर गंभीर है और किसी भी प्लांट को बंद होने नहीं देगी
